10 साल बाद योगी सरकार ने दी प्रयागराज मेट्रो को नई रफ्तार, लाखों लोगों को मिलेगी राहत

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के नए बजट में प्रयागराज को इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं मिली हैं. एक दशक से लंबित मेट्रो परियोजना को नई ऊर्जा मिलने के संकेत हैं. वहीं आयुष अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी सीटों में बढ़ोतरी और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसी योजनाओं से चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी है. धार्मिक पर्यटन और तकनीकी विकास को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है.

 

10 साल से लटकी मेट्रो परियोजना को फिर मिली संजीवनी

 

प्रयागराज में मेट्रो रेल परियोजना वर्ष 2016 से प्रस्तावित है. उस समय बमरौली एयरपोर्ट से झूंसी और फाफामऊ से नैनी छिवकी तक दो कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की गई थी, लेकिन योजना जमीन पर नहीं उतर सकी. करीब 10 साल तक परियोजना फाइलों में ही अटकी रही.

 

नए बजट में जिन शहरों में मेट्रो चलाने की योजना का उल्लेख किया गया है, उनमें प्रयागराज को भी शामिल किया गया है. इससे शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि लंबे इंतजार के बाद अब परियोजना को गति मिल सकती है.

 

महिला सामर्थ्य योजना के तहत 5 दुग्ध उत्पादक कंपनियों के गठन वाले जिलों में प्रयागराज भी शामिल है. दिव्यांग जन कल्याण के लिए 2140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से आठ प्रतिशत अधिक है. प्रयागराज मंडल के फतेहपुर में नवीन बचपन केयर डे सेंटर की स्थापना प्रस्तावित है.

 

सोलर सिटी के रूप में प्रयागराज भी डेवलप होगा

 

प्रदेश के 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना में प्रयागराज भी शामिल है. प्रयागराज चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन पर भी जोर दिया गया है. विकास प्राधिकरणों की अवसंरचना योजनाओं के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

 

तकनीकी क्षेत्र में राज्य स्तर पर एआई मिशन की शुरुआत के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डेटा लैब की स्थापना के लिए 32.82 करोड़ रुपये रखे गए हैं.

 

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक का विस्तार होगा.

 

फाफामऊ में 12 करोड़ की लागत से बनेगा 100 बेड का अस्पताल

बजट में आयुष चिकित्सा को विशेष प्राथमिकता दी गई है. फाफामऊ में तीन एकड़ भूमि पर करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड का आयुष अस्पताल बनाया जाएगा. अस्पताल के साथ आवासीय भवन भी बनेगा. यहां क्षार सूत्र, पंचकर्म और मर्म चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

 

करछना में 90 लाख रुपये की लागत से 15 बेड के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निर्माण प्रस्तावित है. भारतगंज, भंड्या मेजा, गांजा और सिकंदरा में 30 30 लाख रुपये की लागत से चार चार बेड के आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है.

 

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में पीजी की 182 सीटें हैं, जिनमें 14 सुपर स्पेशियलिटी सीटें शामिल हैं. प्लास्टिक सर्जरी और यूरोलॉजी में दो-दो सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है. एसआरएन अस्पताल को संस्थान का दर्जा मिलने की संभावना भी जताई गई है.

 

आयुष्मान योजना के लिए अलग बजट प्रावधान से निजी अस्पतालों के बकाया भुगतान का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. इससे लाभार्थियों का इलाज बिना बाधा जारी रह सकेगा.

 

ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं बढ़ाने की योजना है. कॉल्विन और बेली अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर करने का भी अनुमान है.

 

कॉल्विन में भी 100 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट

 

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय कॉल्विन में एक-एक क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण प्रस्तावित है.

 

कॉल्विन अस्पताल परिसर में 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जाएगी. इसके लिए चार जर्जर आवासीय इमारतों को तोड़ा जाएगा. ध्वस्तीकरण का कार्य कटरा की एक निजी संस्था करेगी और उसके बाद लखनऊ की टीम निरीक्षण करेगी.

 

ग्राउंड सहित तीन मंजिला इस यूनिट के निर्माण पर लगभग 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और मंजूरी के बाद करीब दो वर्षों में निर्माण पूरा होने की संभावना है. एसआरएन अस्पताल में यूनिट का निर्माण कार्य पहले से चल रहा है.

 

नई इकाइयों के शुरू होने से गंभीर मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर यह बजट प्रयागराज के लिए अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम माना जा रहा है.