भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव की तैयारी में जुटी योगी सरकार, यूपी के 8 जिलों में होंगे कार्यक्रम

लखनऊ: भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ सालों से रिश्तों में दरार पड़ने की बातें सामने आ रही थीं, जबकि भारत नेपाल दोनों ही अच्छे मित्र हैं. अब इस मित्रता को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य नाथ सरकार और मजबूती देने की तैयारी कर रही है.

इसको लेकर पर्यटन विभाग ऐसा कार्यक्रम आयोजित कराने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और नेपाली संस्कृति के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे. 16 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक पर्यटन विभाग की तरफ से भारत नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन किया जाएगा.उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में सांस्कृतिक उत्सव आयोजित होंगे. इनमें महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में दोनों देशों के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर मित्रता को और मजबूत करने की पहल होगी.

कहां-कहां होगा आयोजन

भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 का आयोजन 16 से 28 फरवरी तक यूपी के 8 जिलों में होगा. इस खास महोत्सव की शुरुआत 16-17 फरवरी को कुशीनगर से होगी.

इसके बाद 18-19 फरवरी को सिद्धार्थनगर में फिर महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और 27-28 फरवरी को पीलीभीत में अलग-अलग सांस्कृतिक आयोजन होंगे.

भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाने का इस महोत्सव के जरिए एक बड़ा प्रयास है.पूर्वांचल और तराई के इन 8 जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम

16-17 फरवरी को कुशीनगर के बुद्ध पीजी महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित होंगे. 18-19 फरवरी को सिद्धार्थनगर के बीएसए ग्राउंड में आयोजन किया जाएगा.

20 फरवरी को महाराजगंज के जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज में, 21 फरवरी को बलरामपुर के थारू जनजाति संग्रहालय इमलिया कोडर में और 22 फरवरी को श्रावस्ती के जगजीत इंटर कॉलेज में महोत्सव आयोजित होगा. 24 फरवरी को बहराइच के रामलीला ग्राउंड भीमराव आंबेडकर पार्क, सोनी बलईपुर में कार्यक्रम होगा.

26 फरवरी को लखीमपुर खीरी के राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, एकीकृत जनजाति विकास परियोजना परिसर में आयोजन किया जाएगा, जबकि पीलीभीत के गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह में 27-28 फरवरी को महोत्सव का समापन कार्यक्रम होगा.

ये कार्यक्रम होंगे महोत्सव के मुख्य आकर्षण

महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा, कवि सम्मेलन और संगोष्ठी शामिल हैं. इसके साथ ही “एक जनपद एक उत्पाद” की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी.

इसमें स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा. भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित विशेष परिचर्चा, चित्रकला और रंगोली प्रदर्शनी भी इस आयोजन का हिस्सा होंगी. प्रत्येक जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों के सहयोग से विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा.

क्या कहते हैं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह महोत्सव दोनों देशों की साझा विरासत, परंपराओं और आपसी भाईचारे को मंच देगा. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीतेंगे और दोनों देशों के बीच सद्भाव का संदेश देंगे.

संस्कृति एवं पर्यटन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों को इस महोत्सव में सादर आमंत्रित किया गया है. यह आयोजन न सिर्फ मनोरंजन का अवसर देगा, बल्कि भारत-नेपाल की दोस्ती को और प्रगाढ़ करने का माध्यम बनेगा.