लखनऊ: यूपी विधान परिषद में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साध रहे हैं. सीएम योगी एक ओर जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिना रहें वहीं पिछली सपा सरकार के दौरान की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाकर उनपर जोरदार हमले भी कर रहे हैं.
योगी ने कहा कि पहले यूपी को लोग बीमारू स्टेट कहते थे लेकिन अब उत्तर प्रदेश में दंगों की जगह विकास की बात होती है.इससे पहले बजट सत्र में आज सोमवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विभिन्न शिकायतों में उत्तर प्रदेश के निजी चिकित्सालयों और निजी पैथोलॉजी के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कितनी बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश में निजी अस्पतालों और निजी पैथोलॉजी के खिलाफ एक्शन किया गया है, कितने अस्पताल सील किए गए, कितनों के खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई. इसके साथ ही ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर हमला बोला. कहा कि इस बात की भी जांच होगी कि कितने लोग निजी चिकित्सालयों से वसूली करने के लिए शिकायत करते हैं.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ₹40000 का एक इंजेक्शन उपलब्ध है, जो भी हार्ट अटैक से पीड़ित होकर या उससे संबंधित मामलों में आता है, उसको यह इंजेक्शन लगाया जाता है, जिससे अगले 24 घंटे तक उसे अटैक नहीं आता. इस दौरान निकटतम मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज किया जाता है. उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज को इस तरह के इलाज के लिए अधिकृत किया गया है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जब कोई मरीज पहुंचता है तो उसकी एक रिपोर्ट डाल दी जाती है और इस आधार पर आगे का इलाज चलता है.
सपा विधायक समरपाल सिंह ने किडनी प्रत्यारोपण को लेकर कहा कि इसमें बहुत समय लगता है. इसकी पूरी प्रक्रिया 7 दिन में पूरी हो जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा मिलनी चाहिए. जिसके जवाब में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि निश्चित तौर पर कम से कम समय में किडनी ट्रांसप्लांट हो, इसकी हम कोशिश करेंगे. इसमें 7 दिन से भी कम समय लगे यह भी प्रयास होगा. उत्तर प्रदेश में केवल ब्लड रिलेटिव के बीच ही किडनी ट्रांसप्लांट हो सकता है. कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर उन्होंने कहा कि अध्यक्ष जी, आप ही उनकी काउंसलिंग कीजिए कि यह कैसे संभव हो सकता है?
जल जीवन मिशन की असफलता का आरोप लगाकर विपक्ष ने सदन में कार्य रोककर चर्चा की मांग की थी. सदन में विपक्ष जल जीवन मिशन के फेल हो जाने का आरोप लगा रहा है. स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन के संबंध में विस्तृत जवाब दिया है कि कहां-कहां काम हो गया है और कहां काम नहीं हुआ. कितना काम बाकी है और कितना हो चुका है. कितने अधिकारियों के खिलाफ एक्शन किया गया. समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने इस संबंध में असंतुष्टि जाहिर करते हुए विधानसभा अध्यक्ष से अपील की कि वह एक कमेटी का गठन पक्ष और विपक्ष के विधायकों के साथ कर दें. जो जल जीवन मिशन की मौके पर जांच कर दे. सतीश महाना ने ऐसी किसी कमेटी की अनुमति नहीं दी.
पक्का पुल-सीतापुर रोड बंधा मार्ग का चौड़ीकरण अभी तक नहीं शुरू
विधानसभा में भाजपा विधायक डॉ. नीरज बोरा ने सोमवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण से जुड़ा एक अहम मुद्दा नियम 301 के तहत उठाया. उन्होंने राजधानी के उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में पक्का पुल से सीतापुर रोड तक करीब तीन किलोमीटर लंबे बंधा मार्ग के चौड़ीकरण और फोरलेन बनाने का काम तुरंत शुरू करने की मांग की.वर्तमान में यह मार्ग सिर्फ 5 मीटर चौड़ा है.
डॉ. नीरज बोरा ने सदन में कहा कि इसके दोनों तरफ त्रिवेणी नगर, फैजुल्लागंज, प्रियदर्शिनी कालोनी समेत कई घनी आबादी वाली बड़ी कॉलोनियां बसी हैं. हर रोज लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग इसी सड़क से आते-जाते हैं. संकरी सड़क की वजह से दिन भर जाम लगता रहता है. छोटी-छोटी दुर्घटनाएं भी आम हो गई हैं. लोग लगातार परेशान हैं. विधायक डॉ. नीरज बोरा ने सदन को बताया कि इस मार्ग को 24 मीटर चौड़ी, डिवाइडर वाली फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव पहले ही मंजूर हो चुका है. इस काम पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है. फिर भी निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है. इससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है. डॉ. बोरा ने कहा, टेंडर हो जाने के बाद भी काम नहीं शुरू होना लोगों के साथ अन्याय है.
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और LDA अधिकारियों से अपील की कि इस जरूरी सड़क का काम बिना देरी के शुरू कर दिया जाए ताकि स्थानीय लोगों को जाम और दुर्घटनाओं से राहत मिल सके.