लखनऊ:प्रदेश में पुरानी पेंशन का विकल्प चुनने वाले कार्मिकों का 28 फरवरी को एनपीएस खाता बंद हो जाएगा। यह विकल्प चुनने का अधिकार उन कार्मिकों को दिया गया है, जिनकी नियुक्ति का विज्ञापन 28 मार्च 2005 के पूर्व हो चुका था। यह जानकारी विधान परिषद में प्रश्न प्रहर में सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव के प्रश्न के जवाब में संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने दी।यह भी बताया कि ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने संबंधी आदेश जारी करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 और एनपीएस खाता बंद करने की तिथि 30 जून 2025 निर्धारित की गई थी। कार्मिकों की ओर से या तो विलंब से विककल्प प्रस्तुत किए गए या नियुक्ति प्राधिकारियों ने समय से आदेश जारी नहीं किए। इसलिए अब एनपीएस खाता बंद करने की तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। उसके बाद ही एनपीएस में जमा धनराशि को जीपीएफ खाते में जमा कराया जा सकेगा।डॉ. मान सिंह यादव ने ही उन्नाव में बिजली पोलों को शिफ्ट करने का मामला उठाया। सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने उनके क्षेत्र के विकास कार्यों के शिलापट पर उनका नाम न लिखने का मुद्दा रखा। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। सपा के सदस्य किरण पाल कश्यप ने शामली के ग्राम तलवा मजरा में सड़क की मांग की। पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री बृजेश सिंह ने सड़क के निर्माण का भरोसा दिया। शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने सिद्धार्थनगर में बिजली संबंधी कार्य पूर्ण न होने की बात कही। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सभी काम पूरे होने की जानकारी दी। निर्दल समूह के आकाश अग्रवाल ने आगरा में खराब वाटर मीटरों का मामला उठाया।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का आश्वासन
शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कोरोना महामारी के समय रोके गए एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के भत्ते जारी करने की मांग की। उन्होंने धान क्रय केंद्रों पर ट्रकों की लोडिंग में गड़बड़ी का मामला रखा। सपा के शाहनवाज खान के सवाल के जवाब में गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि शाकम्बरी चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का जो बकाया है, उसका शीघ्र भुगतान करवाया जाएगा। एक सवाल के जवाब में वन एव पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि जौनपुर में ईंट भट्ठा संचालन की अनुमति न लेने पर संबंधित को नोटिस जारी किया गया है।
सीएम योगी ने की ये घोषणाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कार्यरत हजारों आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है। विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद पर चर्चा में मुख्यमंत्री ने हाल ही में निराश्रित व वृद्धा अवस्था पेंशन की घोषणा की चर्चा करते हुए कहा कि हम आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का भी मानदेय बढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के लिए भी सरकार काम कर रही है। हाल ही में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा हुई है। एक अप्रैल से इसका लाभ भी मिलने लगेगा। इसमें पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध होगी। हमारी सरकार तुष्टीकरण नहीं संतुष्टीकरण कर रही है। हमने छह करोड़ लोगों को गरीबी से ऊपर उठाया है।
इससे पहले सीएम ने कहा कि पहले कहा जाता था कि देख सपाई, बिटिया घबराई। किंतु अब ऐसा नहीं है। अब बेटियां रात की शिफ्ट में भी काम करके सुकून से घर जाती हैं। उन्होंने कहा कि विकास की पहली शर्त ‘रूल ऑफ लॉ’ है और इसी लक्ष्य को पाने के लिए सरकार ने मजबूती से काम किया। रिकॉर्ड स्तर पर पुलिस भर्तियां की गईं, महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया। युवाओं के लिए नई योजनाएं शुरू की गईं। मॉडर्न पुलिसिंग, सुदृढ़ साइबर और फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी विशेष कार्य किया गया।
उन्होंने कहा कि सुदृढ़ कानून-व्यवस्था से उत्तर प्रदेश अब फियर जोन से फेथ जोन में बदला है। अब यहां भय का नहीं बल्कि आस्था का वातावरण है। लोग सुरक्षा और व्यवस्था पर विश्वास के साथ प्रदेश में आ रहे हैं। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने नई पहचान दी है। दंगों की जगह अब फेस्टिवल और टेंपल आधारित अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है। जो प्रदेश पहले दंगों और अव्यवस्था के कारण भय की स्थिति में था, वहां अब उत्सव और आस्था का वातावरण दिखाई देता है। यूपी उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना है।
एनपीएस वाले शिक्षकों का राज्यांश समय से जमा कराएं
विधान परिषद में एनपीएस के दायरे में आने वाले शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए सदस्य ध्रुव कुमार पाठक ने कहा कि ये व्यवस्था अधिकारियों की मनमानी का शिकार हो गई है। एनपीएस में शिक्षक का राज्यांश 10 और राज्यांश 14 फीसदी का अंशदान जमा करने की व्यवस्था है। इन दोनों कटौतियों का अंशदान एनएसडीएल में जमा करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि राज्यांश देरी से जमा किया जाता है। ध्रुव त्रिपाठी ने ये भी कहा कि पुरानी पेंशन के दायरे में आने वाले हजारों शिक्षकों की एनपीएस धनराशि जीपीएस खातों में ट्रांसफर नहीं की गई है। एनपीएस सेवा के अंतर्गत रिटायर होने वाले शिक्षकों को 800 से लेकर 1500 रुपये महीना पेंशन मिल रही है।
इस पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि राज्यांश की धनराशि में कोई देर नहीं की जा रही है। समय से धनराशि का आवंटन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्यांश की धनराशि प्रत्येक तिमाही जमा की जाती है। इस पर ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि 10 फीसदी और 14 फीसदी राज्यांश दोनों एक साथ शिक्षक के खाते में जाए ताकि ब्याज का नुकसान न हो। सभापति ने उनके सुझाव का परीक्षण कराने के निर्देश दिए।