स्कूली वाहनों के खिलाफ आरटीओ का चेकिंग अभियान, 13 सीज, 28 का चालान

लखनऊ: परिवहन विभाग के द्वारा बुधवार को लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के स्कूली वाहनों की जांच के लिए, एक विशेष चेकिंग अभियान चलाई. विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है, जो मानकों को दरकिनार कर बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं.

 

स्कूली वाहनों के खिलाफ पहले ही दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ आरटीओ की टीम ने 13 वाहन सीज किए, जबकि 28 वाहनों का चालान किया. हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई की जद में कई नामी-गिरामी स्कूलों के वाहन भी आए, जो बिना फिटनेस और परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे थे.

 

परिवहन विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख इलाके, कानपुर रोड, दुबग्गा, हरदोई रोड, काकोरी, हजरतगंज, रायबरेली रोड और सुल्तानपुर रोड पर सघन चेकिंग की. इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे स्कूली वाहन पकड़े गए जो सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां उड़ा रहे थे. कई वाहनों के पास न तो वैध फिटनेस प्रमाणपत्र था और न ही परमिट, इसके बावजूद वे मासूम बच्चों को ढो रहे थे.

 

कार्रवाई के दौरान सीएमएस कानपुर रोड, जयपुरिया स्कूल गोमती नगर, सेंट मेरी आशियाना और माउंट फोर्ट स्कूल महानगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वाहन भी नियमों का उल्लंघन करते पाए गए. इन वाहनों को तत्काल प्रभाव से सीज कर चालान किया गया है.

 

लखनऊ जोन के आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय ने सख्त चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. अभियान के तहत आगे भी लगातार जांच जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

 

आरटीओ (प्रवर्तन) का कहना है कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद स्कूल प्रबंधन लापरवाही बरतते हैं, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ती है. अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि पहले दिन शुरू हुई कार्रवाई में 41 वाहनों पर कार्रवाई की गई है.

 

अभियान के साथ ही साथ अब आज से पोर्टल की भी शुरुआत हो गई है. सभी स्कूलों के वाहनों को इस पर दर्ज किया जा रहा है. स्कूल संचालक वाहन चालकों का डाटा भी पोर्टल पर दर्ज कराने शुरू कर दिए हैं. जो भी वाहन बगैर फिटनेस के पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी. इसके अलावा ऐसे वाहन जो स्कूलों में खड़े हैं और संचालित नहीं हो रहे हैं. उन वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराया जाएगा, जिससे पोर्टल पर उनका रिकॉर्ड न रहे.