लखीमपुर खीरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखीमपुर खीरी जिले के पलिया विधानसभा और मोहम्मदी विधानसभा में पहुंचे. उन्होंने ग्रांट एक्ट की जमीन के मालिकाना हक के लिए दशकों से जूझ रहे ग्रामीणों को मालिकाना हक दिया है. साथ ही थारू जनजाति के 4112 लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का ऐलान किया.
वहीं, मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर करने का भी ऐलान किया है. सीएम योगी ने बांग्लादेश और पाकिस्तान से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक भी दिया है.
ऐतिहासिक फैसला: इस दौरे का सबसे प्रभावशाली और ऐतिहासिक निर्णय थारू समाज के 4112 लोगों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की घोषणा. ग्रांट एक्ट की जमीन के मालिकाना हक के लिए दशकों से जूझ रहे ग्रामीणों को उनका मालिकाना हक देना रहा.
मंच से विधायक रोमी साहनी ने इस प्रकरण को लेकर मांग उठाई. इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल ऐलान करते हुए कहा कि सपा शासन काल में दर्ज हुए थारू समाज के खिलाफ 4112 लोगों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएंगे.
दो विधानसभाओं का दौरा: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले में दो विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया. मुख्यमंत्री पहले पलिया विधानसभा के चंदन चौकी पहुंचे. इसके बाद मोहम्मदी विधानसभा के मियांपुर जो अब रविंद्र नगर के नाम से जाना जाएगा, वहां पर जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान हजारों परिवारों को जमीन का अधिकार मिला. साथ ही 417 करोड़ से लेकर 817 करोड़ तक की परियोजनाओं का शिलान्यास किया,
सीएम योगी ने पलिया विधानसभा, श्रीनगर विधानसभा, निघासन विधानसभा, और गोला विधानसभा को 817 करोड़ के विकास पैकेज की सौगात दी. शनिवार दोपहर 12:10 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पलिया विधानसभा के चंदन चौकी में उतरा. यहां आयोजित विशाल जनसभा में उन्होंने 314 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इनकी कुल लागत 817 करोड़ रुपए है.
5 हजार हेक्टयर जमीन का मालिकाना हक: दशकों से ग्रांट एक्ट की जमीन पर बसे हुए ग्रामीण अपने मालिक आना हक के लिए भटक रहे थे. वन विभाग उन्हें खदेड़ रहा था. मुख्यमंत्री ने उन ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया है. संपूर्णा नगर क्षेत्र की 12 ग्राम सभाएं और चंदन चौकी क्षेत्र के 34 गांव के कुल 4356 परिवार को लगभग 5000 हेक्टेयर जमीन पर मालिकाना हक मिला है.
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबी सौंपी गई. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कीअब कोई भी गरीब अपनी जमीन पर बेगाना नहीं रहेगा. सरकार हर पात्र को उसका अधिकार दिलाएगी.
चंदन चौकी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1:27 बजे हेलीकॉप्टर से मोहम्मदी तहसील के मियांपुर पहुंचे. मियांपुर का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर कर दिया गया है. मियांपुर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मियां एक भी नहीं और गांव का नाम मियांपुर है. इसका नाम बदलकर रविंद्र नगर किया जा रहा है. अब मियांपुर गांव ‘रविंद्र नगर’ के नाम से जाना जाएगा.
मुख्यमंत्री ने 417 करोड़ की 213 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभ पाने वाली महिला शीतल ने बताया कि इससे पहले वह झोपड़ी में रहती थी. आए दिन बरसात में उन्हें काफी परेशानियां उठानी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें आवास मिला है.