लखनऊ: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब पुरानी पेंशन बहाली की बात कर रहे हैं, वे 5 साल तक सत्ता में रहे, तब उन्होंने इसे बहाल करने के लिए क्या किया। राजभर ने कहा कि जब जनता ने उन्हें सरकार चलाने का अवसर दिया था, तब उन्हें पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में कदम उठाना चाहिए था लेकिन तब वो लुटने खसोटने में लगे थे।

‘सत्ता में रहते OPS की याद नहीं आई, अब जनता को गुमराह कर रहे’
राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष अब पुरानी पेंशन के मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए सामाजिक और प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग नीतियां अपनाई गईं, लेकिन उस समय पुरानी पेंशन बहाली की याद नहीं आई। मंत्री राजभर ने कहा कि विपक्ष के नेता झूठ बोलने और समाज को गुमराह कर वोट लेने में माहिर थे लेकिन जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया।
PDA को लेकर राजभर का तंज, निषाद-राजभर समाज के सम्मान पर उठाए सवाल
सपा के PDA अभियान का जिक्र करते हुए राजभर ने शिवपाल यादव के एक कथित बयान और देवरिया की एक घटना का भी उल्लेख किया। राजभर ने आरोप लगाया कि देवरिया में आयोजित कार्यक्रम में निषाद और राजभर समाज से जुड़े सांसदों को मंच पर उचित स्थान नहीं दिया गया और उन्हें भीड़ के बीच नीचे बिठाया गया। राजभर ने सीधे कहा कि PDA की राजनीति दिशाहीन है।
सामाजिक समीकरणों की राजनीति पर भी साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सामाजिक वर्गों के नाम पर राजनीति कर वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं, जबकि उनके पास विकास और जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की राजनीति का केंद्र आम जनता के बजाय अपने परिवार तक सीमित है।
