अखिलेश जी, विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं, काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती: सीएम योगी

कानपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर में 411 करोड़ से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा अध्यक्ष पर करारा तंज कसते हुए कहा कि विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती।

काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती

अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपको एक बार सत्ता विरासत में मिल गई थी, पर काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। आपके कारनामों को देखकर प्रदेश की जनता आपको विदा कर चुकी है। दोबारा सपना देखना बंद करिए और याद रखिए कि विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती। बुद्धि के लिए प्रयास करना पड़ता है, जमीन पर उतरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आपकी हरकतों को देखकर मैं कह सकता हूं कि गद्दी तो आप एक बार भले ही पा गए, लेकिन अब गद्दी भी मिलने वाली नहीं है, और बुद्धि तो पहले से ही नदारद थी।

सपा को गंदगी में रहने की आदत, अंधेरे में डालते हैं डकैती

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम परंपरा और विरासत का सम्मान करने वाले लोग हैं। राम के अयोध्या आगमन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों तक अयोध्या में केवल टूटा-फूटा सड़क मार्ग था, बिजली गायब थी और गंदगी रहती थी। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संस्कार हैं, गंदगी में रहने की आदत, गंदे कार्यों को करने की आदत, अंधेरे में डकैती डालने की जो आदत थी, वही उन्होंने अयोध्या में भी किया। अयोध्या को बिजली नहीं दी गई, विकास नहीं हुआ और भाजपा सरकार ने जब कार्ययोजना बनाई तो इन्होंने रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के समय भी इन्होंने हर हाल में रोड़े अटकाने का प्रयास किया, ताकि मंदिर न बने, विकास न हो और एयरपोर्ट न बने। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामलला का भव्य मंदिर बन चुका है। राम जन्मभूमि परिसर में वाल्मीकि मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास मंदिर, शबरी माता और निषादराज के मंदिर भी हैं। शृंगवेरपुर में राम और निषादराज की 56 फुट ऊंची मिलन प्रतिमा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोग पूछते थे इसकी आज क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह मित्रता जब तक रहेगी, तब तक सपा और कांग्रेस के राज का स्वाहा होना तय मानकर चलो।

पहली कैबिनेट में ही सपा ने हटा दिए थे महापुरुषों के नाम

सपा के कार्यकाल पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में इन्होंने भदोही के नाम से संत रविदास नगर हटाया, कन्नौज के मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का नाम हटाया और लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय से मान्यवर कांशीराम का नाम हटाकर उसे मोइनुद्दीन चिश्ती के नाम पर कर दिया। काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जहां 20 श्रद्धालु भी एक साथ दर्शन नहीं कर सकते थे, वहां आज 20,000 श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण ही डॉ. आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थों का विकास हुआ और संविधान को सम्मान मिला, जब उन्होंने संविधान की प्रति सिर पर रखकर नई संसद में स्थापित की। उन्होंने कहा कि जो लोग दंगाइयों के यार हों, जिन्होंने अराजकता पैदा करना और अंधेरे में रखकर डकैती डालना अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था, जिनके लिए परिवार ही प्रदेश हो गया था, वे विकास क्या कराएंगे?

छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सपा अध्यक्ष का एक बयान पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय देश के अंदर दो मियां हैं, एक छोटे मियां, एक बड़े मियां। छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं और दलितों, वंचितों, गरीबों, अन्नदाता किसानों और युवाओं का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस को लंबे समय तक शासन का अवसर मिला। तब किसान आत्महत्या करने को मजबूर था, गरीब भूखों मरता था, युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी और नौकरी के नाम पर उनके हक पर डकैती डाली जाती थी। उन्होंने कहा कि नारी की सुरक्षा के लिए सपा स्वयं खतरा बनी हुई थी, उसके गुंडे व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे और दंगाइयों को मुख्यमंत्री अपने आवास पर सम्मानित करते थे। कोसी कलां और मथुरा के जवाहर बाग की घटनाओं को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सपा से जुड़े नेता ने दो वर्षों से सैकड़ों एकड़ के पार्क में कब्जा और निर्माण कर रखा था। उसे हटाने गए एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव की हत्या कर दी गई। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं थी, तो सामान्य नागरिकों का क्या हाल होता था ? मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर यानी पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय तक जलता रहा। भीषण सर्दी में लोग जहां-तहां ठिठुरकर मर रहे थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री, समाजवादी पार्टी के मुखिया कानों में तेल डालकर, चादर ओढ़कर चुपचाप सो रहे थे। इन्होंने प्रदेश में जो तांडव किया, आज फिर ये लोग उधर ही ले जाना चाहते हैं।

अखिलेश जी को घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों?

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करते हैं। न्यायालय का अपमान करते हैं, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को ही घुसपैठिया बताकर अपमानित करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश जी, आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर में अखिलेश और उनकी पार्टी ने घुसपैठियों के नाम जबरन डलवाकर गरीबों के हक को लूटने का काम किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठिया जब आता है तो यही लोग उसके राशन कार्ड बनवाते हैं और गरीब का राशन उस तक पहुंचाते हैं। यही कारण था कि 2017 से पहले गरीब भूखों मरता था, किसान आत्महत्या को मजबूर था, बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी और विदेशी घुसपैठिए, जहां मर्जी कब्जा कर लेते थे।

हिंदुओं, बौद्धों, जैनों और सिखों से इनकी जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से निकाले गए हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख को नागरिकता और सम्मानजनक जीवन की सुविधा देने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसका विरोध किया, यानी हिंदुओं, बौद्धों, जैनों और सिखों से इनकी जन्मजात दुश्मनी है। उन्होंने कहा कि इन्होंने तोड़फोड़ और आगजनी की और कानपुर में भी हिंसक वारदात का प्रयास किया। एक तरफ घुसपैठियों की मदद करना …