चुनाव आते ही अखिलेश को याद आता है सनातन धर्म: सांसद बृजलाल

लखनऊ:  अक्टूबर। राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव के समय मंदिर, तिलक और धर्म की बातें करते हैं, जबकि अन्य समय तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। बृजलाल ने आतंकवादी हमलों से जुड़े मुकदमों की वापसी और सपा सरकारों के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव की धार्मिक आस्था पर सवाल उठाए।

आतंकी हमलों के मुकदमे वापस लेने का लगाया आरोप

बृजलाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद आतंकवाद से जुड़े 14 मुकदमे वापस लेने की पहल की थी। इनमें रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर हमले के आरोपियों के मामले भी शामिल थे। उन्होंने 7 मार्च 2006 को वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में हुए बम विस्फोट का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में 20 हनुमान भक्तों की मौत हुई थी। संकट मोचन आतंकी हमले के इस्लामिक आतंकियों के मुकदमें भी वापस लिए थे, लेकिन अब हनुमान भक्त होने का नाटक कर रहे हैं। हाथ में डमरू, त्रिशूल लिए दिखाई दे रहे हैं।

संभल दंगों को लेकर भी सपा पर साधा निशाना

राज्यसभा सांसद ने काशी में दशाश्वमेध घाट पर 23 फरवरी 2005 को हुए विस्फोट और 7 दिसंबर 2010 को शीतला घाट पर गंगा आरती के दौरान हुए बम धमाके का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में भी मुकदमे वापस लेने की कार्रवाई की गई। बृजलाल ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए 1978 के संभल दंगों से जुड़ी चार्जशीट वापस लेने का आरोप लगाया।

अखिलेश के अयोध्या और मथुरा में दर्शन नहीं करने पर उठाए सवाल

राज्यसभा सांसद ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आते ही हनुमान जी की पूजा और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करने लगते हैं, जबकि वह स्वयं पूजा नहीं करने की बात कहते रहे हैं। बृजलाल ने नवंबर 2003 में अयोध्या की हनुमानगढ़ी के निकट रोजा-इफ्तार और नमाज के आयोजन का जिक्र करते हुए तत्कालीन सपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव वीडियो में भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र धारण किए दिखाई देते हैं, लेकिन अयोध्या में प्रभु श्रीराम और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करने नहीं जाते।

बृजलाल का तंज- सनातन धर्म चुनावी वेशभूषा नहीं

बृजलाल ने कहा कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थली स्थित केशवदेव मंदिर को जनवरी 1670 में औरंगजेब के शासनकाल में ध्वस्त कराया गया था, जिसके बाद वहां शाही ईदगाह का निर्माण हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी के डर से वहां जाने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिर यदुवंशी अखिलेश यादव सुदर्शन चक्र धारण करने की नौटंकी क्यों कर रहे है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म चुनावी वेशभूषा नहीं, बल्कि सनातन धर्मियों की आस्था है। जनता दिखावे से नहीं, बल्कि नेताओं की असली नीयत और काम देखती है। उत्तर प्रदेश की जनता तुष्टिकरण की राजनीति देख चुकी है, अब अखिलेश यादव उसे भ्रमित नहीं कर पाएंगे।