Budget 2026: महिला छात्रावास की घोषणा से छात्राओं में खुशी, सुरक्षा को लेकर बढ़ा भरोसा

लखनऊ:राजधानी लखनऊ में दूरदराज व अन्य जिलों की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी व पढ़ाई करने वाली छात्राओं को केंद्रीय बजट में बड़ी सौगात मिली है। अब उन्हें किराए के रूम के लिए दर बदर भटकना नहीं होगा। केंद्रीय बजट में छात्राओं के लिए महिला छात्रावास बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे राजधानी में करीब 500 छात्राओं को सीधे तौर पर लाभ मिल सकता है।प्रदेश सरकार और समाज कल्याण विभाग की ओर से राजधानी में दो दर्जन से अधिक छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इनमें विश्वविद्यालय के भी छात्रावास शामिल है। लेकिन, शिक्षण संस्थानों के बाहर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहीं छात्राओं के लिए विशेष छात्रावास न होने से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय बजट के आधार पर राजधानी में बनने वाले महिला छात्रावास से बड़ी संख्या में छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।महिला छात्रावास में सुरक्षा के साथ बेहतर होगी तैयारी
लखनऊ के सिंगार नगर में रह रही छात्रा सोनी कुमारी का कहना है कि मध्य प्रदेश सिंगरौली की रहने वाली हूं। बीते आठ साल से लखनऊ में रह रही हूं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से पढ़ाई की हूं। अभी लखनऊ में रहकर सिविल सर्विस व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हूं। इसके लिए 4500 से 5000 रुपये रूम किराया दे रही हूं। महीने में 10 हजार रुपये के करीब खत्म हो जाते हैं। केंद्रीय बजट में महिला छात्रावास निर्माण की बात की कई है। ऐसा होने महिला छात्रावास में सुरक्षा के साथ बेहतर तैयारी का माहौल मिलेगा।

महिला छात्रावास निर्माण का फैसला स्वागत योग्य
बीबीएयू लखनऊ की छात्रा प्रियंका गौतम का कहना है कि केंद्रीय बजट में राजधानी में एक महिला छात्रावास निर्माण की बात कही गई है। सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। राजधानी में बड़ी संख्या में ऐसे छात्राएं हैं जो विषम परिस्थितियों में बाहर रूम लेकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हर महीने पांच हजार से अधिक रुपये खर्च करना मुश्किल है। महिला छात्रावास के निर्माण से आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने का बेहतर अवसर मिलेगा