हाथरस: यूपी में हाथरस जिले के फुलराई गांव में साकार हरि बाबा के सत्संग समाप्ति के बाद जैसे ही भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। इस हादसे में कार्यक्रम में शामिल होने आए 121 लोगों की मौत हो गई। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के सरकारी अस्पताल में भगदड़ की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वह अस्पताल में भी पहुंचे और पीड़ितों का हाल-चाल जाना। इसके बाद सीएम सिकंदराराऊ में घटनास्थल पर पहुंचे और यहां निरीक्षण करते हुए घटना की जानकारी ली।
#WATCH | Hathras Stampede accident | UP CM Yogi Adityanath reaches and inspects the accident spot where the stampede took place yesterday pic.twitter.com/I5hAxtP0dQ
— ANI (@ANI) July 3, 2024
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath meets the injured in the stampede incident, at Hathras government hospital
121 people lost their lives in a stampede during a religious event in Hathras yesterday pic.twitter.com/mDpTLBxpL2
— ANI (@ANI) July 3, 2024
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें हाथरस भगदड़ घटना की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें सार्वजनिक समारोहों में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए दिशा-निर्देश और सुरक्षा उपाय सुझाने और तैयार करने के लिए समिति को निर्देश देने की मांग की गई है। एक वकील द्वारा दायर याचिका में हाथरस भगदड़ की घटना में शीर्ष अदालत के समक्ष एक स्थिति रिपोर्ट पेश करने और उनके लापरवाह आचरण के लिए व्यक्तियों, अधिकारियों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath meets and inquires about the health of the persons injured in the stampede incident, at Hathras government hospital pic.twitter.com/HW5u4q4ziv
— ANI (@ANI) July 3, 2024
यह सरकार की लापरवाही है: अखिलेश यादव
हाथरस हादसे पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘यह बहुत दर्दनाक है। जिन परिवारों के सदस्यों की जान गई है उन्हें दुख सहने की शक्ति मिले। जो हादसा हुआ है यह सरकार की लापरवाही है। ऐसा नहीं है कि सरकार को इस कार्यक्रम की जानकारी न हो। जब कभी भी इस प्रकार के कार्यक्रम होते हैं तो बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं। इस लापरवाही से जो जानें गईं है उसकी ज़िम्मेदार सरकार है। कोई अगर अस्पताल पहुंच भी गया तो उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाया। ना ऑक्सीजन, ना दवाई, ना इलाज मिल पाया। इसकी ज़िम्मेदार भाजपा है जो बड़े-बड़े दावे करती है कि हम विश्वगुरु बन गए हैं। क्या अर्थव्यवस्था का मतलब यह है कि किसी आपातकाल स्थिति में आप लोगों का इलाज न कर पाएं?’
#WATCH | On Hathras stampede, Samajwadi Party chief & MP Akhilesh Yadav says, " It is a very painful incident. We are saddened by this incident. The Uttar Pradesh government and administration are fully responsible for this incident. The loss of lives in this incident is due to… pic.twitter.com/k1u88pmzS8
— ANI (@ANI) July 3, 2024
सांसद जयंत चौधरी ने जताया दु:ख
केंद्रीय राज्य मंत्री और आरएलडी सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि यह दुखद घटना है। एक बड़ा आयोजन हुआ और बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री से बात हुई है, प्रशासन लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। मैं सभी से सहयोग की अपील करता हूं। सभी परिवारों के साथ हमारी संवेदना है और हम उनके साथ हैं।
हादसे पर एसडीएम ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट
हाथरस हादसे की जांच की रिपोर्ट को एसडीएम ने डीएम को सौंप दिया है। एसडीएम की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इसके मुताबिक सत्संग में दो लाख से ज़्यादा लोगों की भीड़ आई थी। रिपोर्ट में बाबा के निजी सुरक्षा कर्मियों को जिम्मेदार बताया गया है। सत्संग के बाद जैसे ही बाबा के चरण रज की धूल उठाने के दौरान लोगों में भगदड़ मच गई है। बाबा के काले कपड़ों में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने ही धक्का मुक्की की थी। दो लाख लोगों के कार्यक्रम की परमिशन भी प्रशासन से नहीं ली गई थी।
Hathras Stampede accident | Sikandra Rao SDM writes to Hathras DM, "Narayan Hari Sarkar reached the venue at 12.30 and the event went on for an hour. When the baba left the venue, people started rushing towards him to seek his blessings. A large no. of people were already… pic.twitter.com/gSMMQCEMgA
— ANI (@ANI) July 3, 2024