CM योगी का बड़ा ऐलान: महाकुंभ ड्यूटी करने वाले 75000 पुलिस वालों को 10000 बोनस, एक हफ्ते की छुट्टी व मेडल

प्रयागराजः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ-2025 के समापन अवसर पर आयोजित पुलिसकर्मियों से विशेष संवाद कार्यक्रम में कई घोषणा घोषणाएं कीं. पुलिसकर्मियों के धैर्य की सराहना करते हुए योगी ने यूपी के 75 हजार पुलिसकर्मियों काे ’महाकुंभ सेवा मेडल’, 10 हजार का स्पेशल बोनस और एक सप्ताह का अवकाश देने की घोषणा की.

पुलिसकर्मियों से किया संवादः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को महाकुंभनगर में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के साथ संवाद कर रहे थे. उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन महाकुंभ को सफल बनाने में पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा. उत्तर प्रदेश पुलिस बल के सामूहिक प्रयासों का परिणाम ही है कि यह आयोजन सफल हुआ.

धैर्य की प्रशंसा कीः उन्होंने पुलिसकर्मियों के धैर्य और शालीनता की प्रशंसा करते हुए घोषणा की कि महाकुंभ में ड्यूटी में भागीदार बने 75 हजार पुलिस कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ’महाकुंभ सेवा मेडल’ और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाएगा. इस आयोजन में भागीदार बने प्रदेश पुलिस बल के अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को 10 हजार रुपये का स्पेशल बोनस उपलब्ध कराया जाएगा. महाकुंभ में सेवाएं देने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस बल के अधिकारियों व जवानों को फेज वाइज एक सप्ताह का अवकाश भी प्रदान किया जाएगा.

कुल कितने कर्मचारियों को मिलेगा बोनसः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ-2025 के प्रबंधन में लगे कुल 84,417 कर्मचारियों को 10–10 हजार प्रोत्साहन धनराशि प्रदान किए जाने की घोषणा की है. इनमें पुलिस कर्मियों व होमगार्डों के अलावा परिवहन विभाग के संविदा कर्मी, सैनिटेशन कार्मिक, सफाई कर्मी, गंगा सेवा दूत, प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हैं.

हमने समाधान के बारे में सोचा तो रास्ते मिलेः योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर हम समस्या के बारे में सोचते तो बहाने मिलते, लेकिन हमनें समाधान के बारे में सोचा तो रास्ते मिले. हमने समाधान का रास्ता चुना और इसे दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन बनाया. प्रधानमंत्री जी ने महाकु्रभ के लिए ’दिव्य, भव्य और डिजिटल महाकुंभ’ की थीम दी. यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक प्रगति का प्रतीक बन गया है. महाकुंभ में भागीदार बने व्यक्ति प्रयागराज महाकुंभ–2025 के स्केल और स्किल को समझ पाएंगे. किसी कोने में बैठकर विद्वेष भाव से टिप्पणी कर देना आसान बात है.

कभी टूटी छत और चारपाई पर सोते थे जवानः मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस, अर्धसैनिक बल, होमगार्ड, पीआरडी, जल पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी के व्यवहार की तारीफ हर श्रद्धालु कर रहा है. कई बार कुछ लोग जवानों को धक्का भी दे देते थे, तब भी हमारे जवानों ने सहनशीलता का परिचय दिया. वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों की स्थिति को बेहतर करने का संकल्प लिया था. लखनऊ पुलिस लाइन में टूटी छत और चारपाई पर सोते जवानों को देखकर उन्होंने तुरन्त सुधार का फैसला लिया.

हर थाना-चौकी विकसित होना चाहिएः तय किया कि हर पुलिस लाइन, थाना, चौकी में पुलिस की अवस्थापना सुविधाएं विकसित होनी चाहिए. उनके लिए अच्छी क्वॉलिटी के बैरक बनने चाहिए. हर जनपद में यह सुविधा या तो हम पुलिस विभाग को हैंडओवर कर चुके हैं या बनने के अन्तिम चरण में हैं. प्रदेश के बहुत से जनपदों की जो सबसे बड़ी बिल्डिंग होगी, वह उत्तर प्रदेश पुलिस बल के जवानों का बैरक होगा.

अब यूपी पुलिस का बजट 40 हजार करोड़ः सीएम ने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस का बजट 40 हजार करोड़ रुपये है. 54 पीएसी कम्पनियों को समाप्त कर दिया गया था, उन्हें बहाल किया गया है. 3 महिला बटालियन शुरू की गईं. 1 लाख 56 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी की गई. 60,200 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही 30 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी.

सीएम योगी ने ये भी कहाः मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में उत्तर प्रदेश पुलिस ने क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. मौनी अमावस्या में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई, लेकिन 15-20 मिनट में ग्रीन कॉरीडोर बनाकर घायलों को समुचित इलाज मुहैया कराया गया. आग की घटनाओं को 10 मिनट में नियंत्रित किया गया, जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई. वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश दंगों, माफियाराज और असुरक्षा से जूझ रहा था, लेकिन आज नये भारत का नया उत्तर प्रदेश निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है.

तीन दिन में 15 करोड़ लोग आएः विगत 28 से 30 जनवरी के बीच मात्र तीन दिन में 15 करोड़ लोग महाकुंभ में आए. जो भी आया, संगम में डुबकी लगाकर, अभिभूत होकर गया और आपको धन्यवाद देकर गया. यह पुलिसकर्मियों की व्यवहारिक दक्षता और संवेदनशीलता का परिणाम है. जो भी पुलिसकर्मी अभी तक स्नान नहीं कर पाए हैं, वे ड्यूटी के साथ स्नान करें और संगम का जल अपने साथ जरूर लेकर जाएं.