आगरा : पुलिस और औषधि विभाग टीम ने आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र स्थित धनौली में करीब 2.37 करोड़ रुपये दवाएं पकड़ी थीं. मलपुरा थाना पुलिस ने औषधि निरीक्षक की तहरीर पर तीन आरोपियों को जेल भेजकर पांच के खिलाफ मुकदमा लिखा है. इसमें एसटीएफ और औषधि विभाग को एक करोड़ की रिश्वत देने में जेल गया दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन नामजद हैं. दोनों फरार हैं.

मलपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में बुधवार देर शाम इकरार पुत्र नवाब निवासी तीन छतरी मलपुरा, शामिन उर्फ छोटू पुत्र गुड्डू निवासी टेढ़ी बगिया और सलुआ उर्फ मुकीम पुत्र हसन मुहम्मद निवासी टेढ़ीबगिया को जेल भेज दिया है.
इस मामले में आरोपी हिमांशु अग्रवाल पुत्र पवन कुमार और आशीष जैन फरार हैं. हिमांशु अग्रवाल के गोदाम से दवाएं धनौली में पेकिंग के लिए भेजी गईं थीं.
मुकदमे नामजद आरोपी
- इकरार पुत्र नवाब, तीन छतरी मलपुरा, आगरा. (जेल भेजा गया)
- शामिन उर्फ छोटू पुत्र गुड्डू, टेढ़ी बगिया, आगरा. (जेल भेजा गया)
- सलुआ उर्फ मुकीम पुत्र हसन मुहम्मद, टेढ़ीबगिया, आगरा. (जेल भेजा गया)
- हिमांशु अग्रवाल पुत्र पवन कुमार, आगरा. (तलाश जारी है)
- आशीष जैन पुत्र अज्ञात, आगरा. (तलाश जारी है)
बाड़े में मिला था नकली और अवैध दवाओं का भंडारण
सहायक औषधि आयुक्त अरविंद गुप्ता ने बताया कि विभागीय टीम को सूचना मिली थी कि धनौली में दवाओं का अवैध भंडारण और कारोबार हो रहा है. जिस पर टीम ने रेकी की. इसके बाद मंगलवार देर शाम मलपुरा पुलिस टीम के साथ धनौली में तीन छतरी रामबाबू स्कूल के पास इकरार पुत्र नवाब के बाड़े में बड़ी संख्या में अवैध दवाइयों के भंडारण पकड़ा था. दवाओं के बारे में जानकारी की.
इसमें मौके पर मिले इकरार से पूछताछ की तो उसने घर के करीब ही बड़े भाई दिलशाद का बाड़ा में भी अवैध दवाइएं रखने की जानकारी दी. जहां पर तमाम कार्टन पाए और कुछ दवाएं खुली मिलीं. इकरार ने बताया कि मेरे पास दवा बिक्री /भंडारण का लाइसेंस नहीं है.
दवाइयों की खरीद और बिक्री के बिल भी नहीं हैं. यह माल तो उसने टेढ़ीबगिया के शामिन उर्फ छोटू पुत्र गुड्डू और सलुआ उर्फ मुकीम पुत्र हसन मुहम्मद से लिया है.
डीजल डालकर नकली दवाओं में लगाई थी आग
सहायक औषधि आयुक्त अरविंद गुप्ता ने बताया कि “पूछताछ में इकरार ने स्वीकारा कि शामिन और सलुआ ने बताया था कि ये सभी दवाइयां नकली हैं. जिन्हें बेचकर मोटा मुनाफा होगा. कमाई के लालच में मैंने दवाइयां रखी हैं. जिस पर आरोपी सलुआ और शामिन को पकड़ा. दोनों के मोबाइल की गैलरी में एक वीडियो मिला. जिसमें यमुना नदी के किनारे डीजल लगाकर दवाइयों को आग लगाई गई थी. जिसके बारे में दोनों ने बताया कि यह वीडियो 27 सितंबर की रात का है. सभी दवाइयां नकली हैं. डर के मारे कुछ दवाएं नदी के किनारे जला दी गई थीं. टीम ने इस मामले में इकरार, सलुआ और शामिन को मुकदमा लिखाकर जेल भेजा है. जिनसे ही आरोपी हिमांशु अग्रवाल और आशीष जैन के बारे में जानकारी मिली. जिस पर दोनों की तलाश है.”
एक करोड़ की रिश्वत में जेल गया, छूटकर दोबारा से जुट गया
औषधि विभाग आगरा के औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा की तहरीर पर मलपुरा थाना पुलिस ने जो मुकदमा दर्ज किया है. उसमें मुख्य आरोपी हिमांशु अग्रवाल है. औषधि विभाग और यूपी एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान अक्टूबर 2025 में एक करोड़ की रिश्वत लेकर पहुंचा था. जिस पर एसटीएफ ने उसे जेल भेजा. मगर, पुलिस की लचर विवेचना और पैरवी की वजह से चार माह बाद आरोपी जेल से बाहर आया. जेल से छूट कर आने पर हिमांशु ने दोबारा से काम शुरू कर दिया. सहायक औषधि आयुक्त अरविंद गुप्ता ने बताया कि जेल गए तीनों आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि फरार हिंमाशु अग्रवाल के यमुना पार और शहर में कई जगह पर गोदाम हैं. जो उसने किराए पर लिए हैं. जहां पर नकली और अवैध दवाओं का भंडारण किया जाता है. वहां से दवाएं आगरा और आसपास के जिलों में खपाई जाती हैं.
आगरा में बीते सालों में यहां पर दवाएं बरामद हुईं
● 2021:- गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान, मेडिकल डिवाइस, सिरिंज, ग्लब्स की. अवैध फैक्ट्री में छह मशीनें और नकली सामान मिला
● 2023:- बिचपुरी में नकली सीरप बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई. यहां से इन्हें बनाने वाली मशीनें और रेपर समेत पैकिंग सामग्री बरामद हुई.
● 2023:- आरएस ट्रेडर्स पर जून में जयपुर क्राइम ब्रांच ग्राहक बनकर पहुंची, नशे में प्रयोग होने वाली कोडीन सीरप बिना बिल के पाई गई.
● 2024:- 22 अक्तूबर को विजय गोयल की नकली दवाओं की फैक्ट्री पकड़ी गई. करीब आठ करोड़ रुपये की दवाएं और सामग्री पकड़ी गई.
● 2026:- जुलाई महीने से 13 फर्मों पर छापे, 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने, दो गोदाम सील और तीन चरणों की कार्रवाई में 58 थोक मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त किए गए.
