हाथरस: हाथरस जिले में मंगलवार (दो जुलाई) को फुलराई गांव में साकार हरि बाबा का सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। इस हादसे में कार्यक्रम में शामिल होने आए 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंच गए हैं और यहां सर्किट हाउस में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वे पीड़ित परिवारों और घायलों से मुलाकात भी करेंगे।
वहीं, रेल मंत्रालय ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिकंदराराऊ स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों पर 15 किमी प्रति घंटे की गति पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा मथुरा-टनकपुर मेला स्पेशल, आगरा फोर्ट-कासगंज पैसेंजर स्पेशल और बांद्रा टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनों को यात्रियों की सुविधा के लिए सिकंदराराऊ स्टेशन पर अतिरिक्त स्टॉपेज के साथ-साथ ट्रेन मार्ग के अन्य स्टेशनों पर विशेष स्टॉपेज दिया गया है।
आयोजकों के साथ ही सत्संग करने वाले बाबा पर हो कार्रवाई: प्रियंका चतुर्वेदी
हाथरस की घटना पर शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह दुखद है जिस तरीके से यह घटना घटी है। मैं उम्मीद करती हूं कि राज्य सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। आयोजकों के साथ ही जो सत्संग करने वाले बाबा हैं उनपर भी कार्रवाई होनी चाहिए। आज कल हम देख रहे हैं कि लोगों की जान का कोई मोल नहीं है।
इसके अलावा हाथरस दुर्घटना स्थल की जांच कर रहे फॉरेंसिक यूनिट के एक सदस्य ने कहा, ‘यहां से इकट्ठा करने के लिए कोई विशेष चीजें नहीं हैं, यहां केवल भक्तों का सामान है जैसे जूते और बैठने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चादरें बस मिली हैं।’
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सत्संग कार्यक्रम के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि आयोजकों ने साक्ष्य छिपाए और शर्तों का उल्लंघन किया। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि आयोजकों ने अनुमति मांगते समय ‘सत्संग’ में आने वाले भक्तों की वास्तविक संख्या छिपाई। एफआईआर के मुताबिक, आयोजन में ढाई लाख लोग आए थे, जबकि आयोजकों ने 80 हजार लोगों के कार्यक्रम की अनुमति ली थी। इसके साथ ही आयोजकों की ओर से ट्रैफिक मैनेजमेंट का कोई इंतजाम नहीं था।
एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ के दबाव के बावजूद, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने हर संभव प्रयास किया और उपलब्ध संसाधनों से घायलों को अस्पतालों में भेजा और कहा कि आयोजकों और सेवादारों ने सहयोग नहीं किया। आयोजकों ने सबूत छिपाकर और श्रद्धालुओं की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फसलों में फेंककर कार्यक्रम में आने वाले लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
हादसे को लेकर सीएम योगी सख्त
हादसे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। कल सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार इस घटना की तह में जाकर साजिशकर्ताओं और जिम्मेदारों को उचित सजा देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरी घटना की जांच करा रही है। हम इसकी तह में जाएंगे और देखेंगे कि यह हादसा है या साजिश।
सीएम योगी ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। अपराह्न तीन से साढ़े तीन बजे के बीच ये पूरा घटनाक्रम बताया जा रहा है। जनपद हाथरस के सिकंदराराऊ के अंदर ये पूरा हादसा घटित हुआ है। वहां पर स्थानीय आयोजकों ने स्थानीय गांव में भोले बाबा का आयोजन सत्संग के माध्यम से आयोजित किया था और स्थानीय भक्तगण उसमें भाग ले रहे थे। मंचीय कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सत्संग के प्रवचनकर्ता जब मंच से उतर रहे थे तब उनकी तरफ भक्तों की भीड़ जा रही थी और सेवादारों के रोकने पर वहां भगदड़ मची।