गर्मी का कहर: गोंडा के स्कूलों में कई शिक्षिकाएं व छात्राएं हुईं बेहोश, समय बदलने की मांग

गोंडा: उत्‍तर प्रदेश में मंगलार को कई स्कूलों में 62 बच्चे उमस भरी गर्मी में चक्कर खाकर गिर गए। उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें एटा के 33 रामपुर के सात संभल के चार प्रयागराज का एक, मथुरा के चार, सीतापुर व रायबरेली का एक-एक बच्चा व गोंडा में 12 छात्राएं व शिक्षिकाएं शामिल हैं। हालत में सुधार होने पर सभी को घर भेज दिया गया। बच्चों ने घबराहट व पेट दर्द की शिकायत बताई।

गोंडा में कल परसपुर, पंड़रीकृपाल और झंझरी ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षिकाएं व छात्राएं गश खाकर कक्षा में गिर गईं। इन सभी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। सभी की हालत अब ठीक है।परसपुर के कंपोजिट विद्यालय भौरीगंज में मंगलवार पूर्वाह्न 11:30 बजे गर्मी के चलते कक्षा चार की छात्रा काजोल व रेशमी यादव गश खाकर गिर गईं। सहायक अध्यापक तौफीक ने बताया कि पानी के छींटे मारने से रेशमी को होश आ गया। काजोल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालात स्थिर है।

चक्‍कर आने व सिर दर्द की समस्‍या  

स्कूल के छह अन्य बच्चों ने चक्कर आने व सिर दर्द की जानकारी दी। झंझरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय डंडवा कानून-गो में मंगलवार दोपहर एक बजे सहायक अध्यापिका सुगंधा त्रिपाठी कक्षा पांच में पढ़ा रही थीं। तभी अचानक गश खाकर गिर गईं। कक्षा पांच की छात्रा सलोनी भी बेहोश हो गई। सहायक अध्यापिका अंजली चौरसिया ने बताया कि पानी के छींटे मारने के बाद किसी तरह होश सुगंधा व सलोनी हो होश आया। पंडरी कृपाल ब्लॉक के भटवलिया गांव के तुरकौलिया कंपोजिट विद्यालय में मंगलवार दोपहर अध्यापिका कमला देवी अचानक गश खाकर गिर गईं। आधे घंटे बाद उन्हें होश आ सका है। प्रधानाध्यापक मधु खान ने बताया कि कमला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्कूल का समय बदलने की मांग

भयंकर गर्मी के चलते परिषदीय स्कूलों में लगातार शिक्षक व छात्राओं की बेहोश होने की घटना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ सक्रिय हो गया है। जिलाध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भीषण गर्मी के चलते शिक्षक व छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मौसम को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय सुबह 07.30 से 12.30 बजे तक करने का बीएसए से अनुरोध किया है।

वहीं, बीएसए अतुल कुमार तिवारी का कहना है कि कई शिक्षिकाओं व छात्राओं के बेहोश होने की सूचना आई है। इस संबंध में परियोजना कार्यालय को जानकारी दी गई है। अनुमति मिलने के बाद स्कूल समय में बदलाव के लिए विचार किया जा सकता है।