IIT दिल्ली का दीक्षांत समारोह कल: PM मोदी होंगे मुख्य अतिथि, 3 हजार से ज्यादा छात्रों को मिलेगी डिग्री

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली का इस साल का दीक्षांत समारोह कई मायनों में खास होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. IIT दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीक्षांत समारोह की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार 3,000 से ज्यादा विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी. इनमें रिकॉर्ड संख्या में पीएचडी डिग्रियां भी शामिल हैं. समारोह के दौरान संस्थान के नए एआई आधारित सुपरकंप्यूटर को भी लॉन्च किया जाएगा.

प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि इस बार दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि होंगे. उनके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी और नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि इस मौके पर संस्थान अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले वर्षों के लिए अपनी योजनाओं पर भी आगे बढ़ेगा.

3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री

निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि इस बार दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक ग्रेजुएट्स को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी. इनमें स्नातक, परास्नातक और पीएचडी करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इस बार 587 विद्यार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी जाएगी. यह IIT दिल्ली के लिए पीएचडी डिग्रियों की रिकॉर्ड संख्या है.

इन छात्रों को मिलेंगे गोल्ड मेडल

इस साल IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में कई मेधावी छात्रों को संस्थान के प्रतिष्ठित गोल्ड मेडल दिए जाएंगे. प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के अक्षत सिंघल और आदित्य प्रकाश को दिया जाएगा. वहीं, डायरेक्टर गोल्ड मेडल बीटेक गणित एवं कंप्यूटिंग के अनिकेत आनंद को मिलेगा. इसके अलावा डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल एमटेक थर्मल इंजीनियरिंग के सुधीर कुमार भालोठिया और एमटेक कंट्रोल एंड ऑटोमेशन के शुवम राउत्रे को दिया जाएगा. परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल पाने वालों में एमटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के वेंकट साई रेड्डी रामिरेड्डी, एमटेक स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के अमरप्रीत सिंह, एमटेक फाइबर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पार्था पॉल और एमटेक कंट्रोल एंड ऑटोमेशन के सिराज अहमद शामिल हैं.

250 पेटाफ्लॉप्स का सुपरकंप्यूटर होगा लॉन्च

दीक्षांत समारोह के दौरान IIT दिल्ली के नए एआई आधारित सुपरकंप्यूटर को भी लॉन्च किया जाएगा. प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि इस सुपरकंप्यूटर की क्षमता 250 पेटाफ्लॉप्स है. यह शैक्षणिक संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटरों में से एक होगा. यह सुपरकंप्यूटर नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन के सहयोग से तैयार किया गया है. इसके जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, इंजीनियरिंग और दूसरे क्षेत्रों में होने वाले शोध को और तेज किया जा सकेगा.

दूसरे संस्थानों के शोधकर्ताओं को भी मिलेगा मौका

IIT दिल्ली के निदेशक ने बताया कि इस सुपरकंप्यूटर का फायदा केवल IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं को ही नहीं मिलेगा. इसकी कंप्यूटिंग क्षमता का एक हिस्सा दूसरे संस्थानों के शोधकर्ताओं को भी मिलेगा. उन्होंने बताया कि सुपरकंप्यूटर की करीब 60 प्रतिशत क्षमता का इस्तेमाल IIT दिल्ली के शोधकर्ता करेंगे, जबकि करीब 40 प्रतिशत क्षमता अन्य शोधकर्ताओं के लिए होगा. इससे देश के अलग-अलग संस्थानों में काम कर रहे वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भी बड़ी कंप्यूटिंग सुविधा मिल सकेगी.

‘IIT दिल्ली 2.0’ की ओर बढ़ रहा संस्थान

IIT दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह IIT दिल्ली के लिए एक नए दौर की शुरुआत का संकेत है. संस्थान अब ‘IIT दिल्ली 2.0’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्थान शिक्षा, शोध और नई तकनीक पर और ज्यादा ध्यान देगा. इसके लिए नई तकनीकों और आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा.

18 NIT के साथ IIT दिल्ली की साझेदारी

IIT दिल्ली ने देश के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) के साथ अकादमिक और शोध सहयोग के लिए समझौता किया है. संस्थान के अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए पढ़ाई, शोध और नवाचार के नए अवसर तैयार करना है. इस सहयोग के तहत IIT दिल्ली और साझेदार NIT के छात्र व शिक्षक अकादमिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध, शोध सुविधाओं के साझा इस्तेमाल, प्रोजेक्ट और थीसिस की संयुक्त निगरानी तथा फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकेंगे. इसके अलावा अलग-अलग विषयों में मिलकर नवाचार से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे. इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए IIT दिल्ली ने ALIGN (Academic Linkages for Innovation and National Growth) नाम से एक विशेष पहल शुरू की है. इसका उद्देश्य IIT दिल्ली और NIT संस्थानों के बीच अकादमिक और शोध गतिविधियों को मजबूत करना है.