मैनपुरी: मैनपुरी पहुंचीं बसपा सुप्रीमो ने बुलडोजर को लेकर बिना नाम लिए सीएम योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया। क्रिश्चियन मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में कानून के राज के लिए बुलडोजर की जरूरत नहीं पड़ती थी। बसपा सरकार में न तो कोई दंगा हुआ और न ही जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव किया गया।
मायावती ने मैनपुरी से प्रत्याशी शिवप्रसाद यादव, एटा से प्रत्याशी मोहम्मद इरफान और फिरोजाबाद से प्रत्याशी चौधरी वशीर के समर्थन में संयुक्त सभा की। पूरा पंडाल ‘बसपा जिंदाबाद, मायावती जिंदाबाद’ के नारों से गूंज रहा था। उन्होंने कहा कि बसपा इस बार अकेले ही चुनाव लड़ रही है। सभी कार्यकर्ता इस बार जी जान से जुटे हैं। भाजपा प्रचार कर रही है कि बसपा किसी को हराने और किसी को जिताने के लिए लड़ रही है, लेकिन ऐसा नहीं है, बसपा खुद जीतने के लिए चुनाव लड़ रही है। मैनपुरी में तो इस बार सपा और भाजपा दूसरे और तीसरे नंबर पर जा सकती है।
बसपा का परिणाम इस बार बेहतर होगा
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भीड़ देखकर ये भरोसा हो गया है कि बसपा का परिणाम इस बार बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद केंद्र और प्रदेशों की सत्ता कांग्रेस के पास थी, लेकिन कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण केंद्र और राज्य की सत्ता से उन्हें बाहर होना पड़ा। इसके बाद भाजपा केंद्र की सत्ता में काबिज हो गई। भाजपा भी जातिवादी, पूंजवादी और संकीर्ण सोच रखने वाली पार्टी है। भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। इसीलिए इस बार भाजपा केंद्र में वापस नहीं आएगी।
जनसभा में मायावती ने हिंदुत्व के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। कहा हिंदुत्व की आड़ लेकर भाजपा मुस्लिमों का शोषण कर रही है। उन्होंने ये भरोसा भी दिलाया कि बसपा सरकार में पिछड़ों, अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ ही मुस्लिमों का भी हित सुरक्षित करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बसपा कभी भी अपना घोषणा पत्र इसलिए जारी नहीं करती है क्योंकि बसपा का विश्वास करके दिखाने में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में जो कार्य करके दिखाए, उनकी नकल दूसरी पार्टियां भी करती हैं।