लखनऊ: फाइलेरिया अभियान की प्रगति जानने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव मांझी ने रविवार को मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण किया। सीएचसी पर संयुक्त सचिव ने नोडल अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मिलकर आईडीए अभियान की स्थिति जानी।
संयुक्त सचिव अभियान की प्रगति से संतुष्ट रहे और उन्होंने कहा कि इस बात का प्रचार प्रसार करने की जरूरत है कि फाइलेरियारोधी दवा का सेवन करने के बाद यदि उल्टी, खुजली, सिर दर्द या जी मिचलाना दवा का सकारात्मक प्रभाव (एफडीआर) है और इससे पता चल गया कि व्यक्ति में फाइलेरिया के परजीवी थे और फाइलेरिया रोधी दवा सेवन के बाद परजीवियों के मरने के कारण यह प्रभाव दिखे।
इस मौके पर राष्ट्रीय वेक्टरजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. गोपीलाल, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित सहयोगी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर), पाथ, पीसीआई के प्रतिनिधि, मलेरिया इंस्पेक्टर और सीएचसी का स्टाफ मौजूद रहा।