लखनऊ: योगी सरकार कोर्ट में प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में अहम भूमिका निभाने वाले अभियोजन विभाग को और ताकतवर करने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार ने प्रदेश के नौ जिलों में अभियोजन विभाग को खुद के कार्यालयों में शिफ्ट किए जाने का निर्णय लिया है। अभी तक विभाग के कार्यालय किराये या कलेक्ट्रेट के परिसर से संचालित हो रहे हैं। अपने स्वयं का कार्यालय होने से विभाग ज्यादा स्वतंत्रता और सुविधाओं के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन करने में सक्षम हो सकेगा। मालूम हो कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जहां एक ओर यूपी पुलिस अपराधियों पर नकेल कस रही है तो वहीं कोर्ट में प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियोजन विभाग अपराधियों को सजा दिलाने में महती भूमिका अदा कर रहा है। इससे प्रदेश में अपराधी बेदम हो रहे हैं। अभियोजन विभाग की सक्रियता का ही नतीजा है कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में प्रभावी पैरवी से पिछले तीन साल के अंदर तकरीबन 30 हजार से अधिक मामलों में अपराधियों को उनके गुनाहों की सजा दिलाने में सफलता मिल चुकी है।
