वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी आज 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का गवाह बना है. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से वाराणसी के रुद्राक्ष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में इसका आयोजन किया गया है. इसका शुभारम्भ सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया.
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और यूपी की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य समेत वाराणसी के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
बता दें कि, वर्ष 2047 तक सुपोषित भारत को विकसित भारत की नींव बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में पोषण अभियान शुरू किया गया था, ताकि पोषण को राष्ट्रीय विकास एजेंडा के केंद्र में रखा जा सके.
हर साल सितंबर में राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जाता है, जहां महिलाओं, बच्चों और किशोरों में पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल संबंधी व्यवहारों को मज़बूत करने के लिए प्रेरित किया जाता है.
वहीं इस कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद सीएम योगी बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दरबार जाएंगे और दर्शन पूजन करेंगे. इसके बाद बाबतपुर एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जहां कामकाजी महिलाओं से मुलाकात करेंगे.
हमारी आंगनवाड़ी हमारी ज़िम्मेदारी थीम पर आयोजित है पोषण माह
इस अभियान का नौवां संस्करण के थीम की बात करें तो “हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी” थीम के तहत इस पोषण माह का आगाज़ हुआ है, जहां प्रत्येक नागरिक से आंगनवाड़ी केंद्र की साझा ज़िम्मेदारी लेने का आह्वान किया जा रहा है.
इस वर्ष पहली बार गर्म, पका हुआ भोजन परिभाषित किया गया है. और एसएनपी मेनू बोर्ड अनिवार्य किए गए हैं. इसके साथ ही, इसमें आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों की स्थापना के लिए दिशानिर्देश भी दिए गए हैं. इन सुधारों के आधार पर, पोषण माह 2026 पांच परस्पर सहायक विषयों पर केंद्रित होगा.
पांच विषय पर केंद्रित होगा पोषण माह
पहला विषय, आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन के तहत आंगनबाड़ी केंद्र सभी खाद्य समूहों की किफायती, स्थानीय सामग्रियों का उपयोग करके स्वस्थ व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन करेंगे.
साथ ही पोषण मेले और ‘प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ’ अभियान संतुलित आहार और दैनिक भोजन में पौधे-आधारित और पशु-आधारित प्रोटीन को शामिल करने के व्यावहारिक तरीकों को बढ़ावा देंगे.
दूसरा विषय ‘आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा गर्म पका हुआ भोजन’ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मोटे अनाजों, दालों और मौसमी सब्जियों का उपयोग करके साप्ताहिक मेनू रोटेशन को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करेगा.
इन सेवाओं के वितरण में अधिक पारदर्शिता, ज़वाबदेही और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, सामुदायिक स्वामित्व और ज़वाबदेही को पोषण माह के तीसरे प्रमुख विषय के रूप में पहचाना गया है.
पोषण माह के अंतर्गत, सेवा वितरण की समीक्षा करने और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में कम से कम एक एएमसी बैठक आयोजित की जाएगी.
यह मानते हुए कि बच्चे का खानपान उसके सीखने के तरीके को प्रभावित करता है. इस पोषण माह का चौथा विषय – पोषण, प्रारंभिक प्रोत्साहन और बाल विकास के लिए शिक्षा – प्रारंभिक वर्षों में बच्चों के स्वास्थ्य, विकास और सीखने को पोषित करने पर केंद्रित है.
इसके साथ ही जन्म से 3 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवारों से मिलती हैं, उन्हें परामर्श संदेश प्रदान करती हैं, ताकि संवेदनशील देखभाल और आयु-उपयुक्त गतिविधियों के माध्यम से प्रारंभिक प्रोत्साहन को बढ़ावा दिया जा सके और 34 विकासात्मक पहचानों का अवलोकन किया जा सके.
अंत में, पोषण माह 2026 के पांचवें विषय के रूप में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के दस वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा.
इस अवसर पर एक पूर्ण विस्तार अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सभी पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नामांकित किया जाएगा, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण में तेजी लाई जाएगी और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा स्थानीयकरण के लिए पीएमएमवीवाई टूलकिट लॉन्च किया जाएगा.