लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने आज लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में मुख्य प्रवेश द्वार विवेकानंद द्वार तथा विश्वविद्यालय के कर्मचारियों हेतु आवास गोमती अपार्टमेंट व सरयु अपार्टमेंट का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार को विश्वविद्यालय के चेहरे की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रवेश द्वार अच्छा होना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय की सुगंध बाहर फैल रही है और इसमें अध्यापक और विद्यार्थीगण की भूमिका काफी अहम है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में आज तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए आवास के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी संस्था द्वारा अपने कर्मचारियों एवं अधीनस्थों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
राज्यपाल ने लखनऊ विश्वविद्यालय के विकास कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि इसका सर्वाधिक फायदा छात्र-छात्राओं एवं देश को होगा। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राएं अच्छी पढ़ाई कर सेवा भाव के साथ समाज में कार्य करें व विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। राज्यपाल जी ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्वकर्ता एवं मार्गदर्शक बने तथा सिर्फ प्रदेश में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु निरंतर कार्य जरूरी है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि हर विद्यार्थी को उनके कौशल और कला के सापेक्ष कार्य मिलना चाहिए। उन्हांने छात्र-छात्राओं को निरंतर कार्य करने को प्रेरित किया तथा कहा कि समय का सदुपयोग करें। उन्होंने रामायण से माता कैकेयी और राम तथा भरत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि मां पर भरोसा रखें। इस अवसर पर डिजी शक्ति योजना के अंतर्गत स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम के तहत आज द्वितीय फेज का शुभारंभ राज्यपाल जी द्वारा किया गया, जिसके तहत 3,855 बच्चों को स्मार्ट फोन वितरित किया जाना है, इसमें 05 बच्चों को प्रतीकात्मक रूप से आज राज्यपाल जी के कर कमलों से स्मार्ट फोन वितरित किया गया।