लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अमृत सरोवरों की देखरेख व सौन्दर्यीकरण पर विशेष फोकस किया जाए। ग्राम चौपालों को और अधिक प्रबल व प्रभावी रूप से सफल बनाया जाए। पीएमजीएसवाई की सड़कों को शत् प्रतिशत एफडीआर तकनीक पर ही बनाने की कार्यवाही की जाए। ग्राम्य विकास विभाग की सोशल मीडिया की मजबूत विंग तैयार की जाए। ग्राम्य विकास विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विभाग की उपलब्धियों को निरन्तर अपलोड किया जाए। पीएमजीएसवाई की सड़कों के अन्य सड़कों के मिलान स्थल को जन्कशन इम्प्रूवमेंट के रूप में विकसित किया जाये।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम्य विकास विभाग के बजट का समय से सदुपयोग किया जाना सुनिश्चित किया जाए। लगातार समीक्षा व अनुश्रवण किया जाए। विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण किये जांय और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। विकास कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से नजर आने चाहिए। ग्राम्य विकास विभाग की उपलब्धियों व लाभार्थियों के फोटो व वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर हाइलाइट किया जाए।
ग्राम्य विकास विभाग की उपलब्धियों को हाइलाइट किया जाए
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम्य विकास विभाग की उपलब्धियों को हाइलाइट किया जाए। सीएम डैस बोर्ड में विभाग के निर्धारित बिन्दुओं पर रिपोर्ट अपडेट रखी जाए। समूहों के उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने, उनकी बिक्री कराने के लिए उचित प्लेटफार्म दिलाने के प्रभावी प्रयास किये जाएं तथा उनके समूहों के उत्पादों के सर्टिफिकेशन का भी प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध करायी जाए, इसके लिए जिम्मेदारी फिक्स की जाए। सीएम डैस बोर्ड में विभाग के निर्धारित बिन्दुओं पर रिपोर्ट अपडेट रखी जाए।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए कि पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) की सड़कों को शत् प्रतिशत एफडीआर तकनीक पर ही बनाया जाए। एफडीआर तकनीक से बनाई गयी सड़कों से बचत की गयी धनराशि का हवाला देते हुए भारत सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने हेतु पत्राचार किया जाए। पीएमजीएसवाई की सड़कों की नियमित चेकिंग की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एफडीआर तकनीक से काम करने वाले कान्ट्रेक्टर्स की बैठक बुलाई जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि एफडीआर तकनीक अपनाने से जिस पैसे की बचत हो रही है, उससे सड़कों के सौन्दर्यीकरण आदि पर व्यय किया जा सकता है, जैसे कहीं पर सड़क किनारे जहां उचित हो राहगीरों, यात्रियों आदि के बैठने के लिए सीटें यूरेनल, जन्कशन इम्प्रूवमेंट, वृक्षारोपण, ट्री गार्ड आदि, कार्य करा सकते हैं, इसका प्लान बनायें।