नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी, फर्जी जॉब प्लेसमेंट सेंटर का भंडाफोड़

नई दिल्ली: बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस वसूलने वाले दो फर्जी जॉब प्लेसमेंट-कॉलिंग सेंटर का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. सेंट्रल दिल्ली में रंजीत नगर के लाल रतन बिल्डिंग, शादीपुर मेट्रो स्टेशन के पास चल रहे दोनों सेंटरों पर पुलिस ने छापेमारी कर कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक सेंटर से चार महिलाओं समेत छह और दूसरे सेंटर से पांच पुरुष ऑपरेटर शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन जॉब सर्च व भर्ती प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाशने वाले लोगों का डेटा हासिल कर उन्हें फोन करते थे. वे खुद को भर्ती एजेंसी या कंपनी का प्रतिनिधि बताकर आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव देते थे.

डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, 3 अक्टूबर को पुलिस को लाल रतन बिल्डिंग में फर्जी जॉब प्लेसमेंट सेंटर संचालित होने व नौकरी के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर रंजीत नगर थाना व स्पेशल स्टाफ की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और फील्ड वेरिफिकेशन किया. पुलिस जांच के दौरान संदिग्ध स्थान से बड़ी संख्या में नौकरी से संबंधित कॉल किए जाने की जानकारी सामने आई. इसके बाद पुलिस टीम ने परिसर में छापेमारी की.

पहले सेंटर पर चार महिलाओं व दो पुरुषों समेत छह लोग मौजूद मिले. पूछताछ व जांच में सामने आया कि नौकरी तलाशने वाले लोगों के संपर्क विवरण का इस्तेमाल कर उन्हें फोन किया जा रहा था. आरोपियों की ओर से अलग-अलग पैकेज के नाम पर 3,500 रुपये, 1,400 रुपये व 1,200 रुपये तक की रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस मांगी जाती थी. पैसे लेने के बाद कुछ दिनों तक नौकरी और आगे की प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों से संपर्क बनाए रखा जाता था. बाद में कथित तौर पर संपर्क बंद कर दिया जाता था और नौकरी नहीं दी जाती थी.

इसी दौरान स्पेशल स्टाफ व साइबर थाना, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की संयुक्त टीम को लाल रतन बिल्डिंग में ही एक अन्य संदिग्ध फर्जी जॉब प्लेसमेंट कॉल सेंटर की सूचना मिली. टीम ने वहां छापेमारी की तो पांच पुरुष ऑपरेटर कॉलिंग क्यूबिकल में काम करते मिले. दिल्ली पुलिस के मुताबिक जब उनसे किसी कंपनी की वैध अधिकृत अनुमति, प्लेसमेंट समझौते या नौकरी पर रखे गए वास्तविक उम्मीदवारों का रिकॉर्ड मांगा गया तो वे कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके. कंप्यूटर की जांच में कॉलिंग सॉफ्टवेयर व नौकरी तलाशने वालों का डेटा मिला.

पुलिस के अनुसार, दोनों सेंटरों का तरीका लगभग समान था. ऑनलाइन जॉब सर्च व भर्ती प्लेटफॉर्म से प्राप्त डेटा के आधार पर बेरोजगार लोगों को लक्षित कर फोन किया जाता था. कॉल करने वाले खुद को भर्तीकर्ता बताते व आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव देकर उम्मीदवारों से पहले रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहते थे. भुगतान के बाद कुछ समय तक नौकरी मिलने का भरोसा दिलाया जाता था, लेकिन बाद में संपर्क समाप्त कर दिया जाता था.

पहले सेंटर से दो कंप्यूटर कॉलिंग एप्लीकेशन, नौकरी तलाशने वालों का डेटा, संपर्क विवरण, कॉल व संचार संबंधी जानकारी तथा भुगतान और बैंक खातों से जुड़ा डिजिटल डेटा भी जब्त किया गया. दूसरे सेंटर से पांच कंप्यूटर सिस्टम, पांच मोबाइल फोन, कॉलिंग सॉफ्टवेयर, नौकरी तलाशने वालों/पीड़ितों का डेटा और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़ा डिजिटल साक्ष्य बरामद किया गया.

पहले सेंटर से पकड़े गए लोगों में मोहन गार्डन निवासी 38 वर्षीय अरपित, रघुबीर नगर की 29 वर्षीय महिला, राजौरी गार्डन की 27 वर्षीय महिला, रघुबीर नगर की 28 वर्षीय महिला, सुभाष नगर की 27 वर्षीय महिला व नंद नगरी निवासी 36 वर्षीय अशोक शामिल हैं. वहीं दूसरे सेंटर से करावल नगर निवासी 32 वर्षीय आसिम, प्रताप नगर निवासी 29 वर्षीय संदीप, जहांगीरपुरी निवासी 34 वर्षीय गौरव मलिक, झिलमिल कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय ज्ञान सिंह व पश्चिम पटेल नगर निवासी 34 वर्षीय रोहित को पकड़ा गया.

डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, पुलिस अब दोनों सेंटरों के मालिकों और मुख्य संचालकों की पहचान करने में जुटी है. साथ ही नौकरी तलाशने वालों का डेटा कहां से हासिल किया गया, पैसों का लेनदेन किन खातों में हुआ और इस नेटवर्क से अन्य कौन लोग जुड़े हैं, इसकी भी जांच की जा रही है. जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. रंजीत नगर थाने में दर्ज मामले में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने नौकरी तलाशने वालों को सलाह दी है कि नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग या प्लेसमेंट फीस मांगने वाले फोन कॉल से सावधान रहें. किसी भी कंपनी या नियोक्ता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और पैसे जमा न करें. साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करने या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें.