UP कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, 9–11 फरवरी तक बजट सत्र

लखनऊ: सीएम योगी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक में राज्य के लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू करने का बड़ा फैसला लिया गया. यह योजना माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के 3 लाख से अधिक शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लाभ पहुंचाएगी.

यूपी कैबिनेट मीटिंग में कुल में 32 प्रस्ताव लाए गए. इनमें से दो प्रस्तावों को स्थगित किया गया है. इन प्रस्तावों में विकास, शहरी सुविधाएं, परिवहन, विज्ञान और अन्य क्षेत्र शामिल हैं. मीटिंग में यह भी तय हुआ कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा 11 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा.

बजट सत्र की दी जानकारी: कैबिनेट मीटिंग के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र से 9 से 11 फरवरी तक चलेगा. पहले दिन यानी 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी. दूसरे दिन यानी 10 फरवरी को विधायकों और पूर्व विधायकों की मृत्यु पर शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा. तीसरे दिन यानी 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना राज्य का बजट पेश करेंगे.

यह बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होगा, जो राज्य की आर्थिक प्रगति, विकास योजनाओं और लोककल्याण पर केंद्रित होगा. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का बजट 8,08,736 करोड़ रुपए का था, जो 2024-25 के बजट से 9.8 प्रतिशत अधिक था.

उस बजट में 28,478.34 करोड़ रुपए की नई योजनाएं शामिल की गई थीं. इसके अलावा वर्ष के दौरान करीब 25,000 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी पेश किया गया था, जिससे कुल व्यय बढ़कर लगभग 8.33 लाख करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गया.

शिक्षा विभाग को मिला बड़ा तोहफा: बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों और मान्यता प्राप्त (अनुदानित व स्ववित्त पोषित) स्कूलों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन, पूर्णकालिक/अंशकालिक शिक्षक और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइए और उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी इस सुविधा के पात्र होंगे. यह योजना प्रदेश के 3 लाख से ज्यादा परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देगी.

5 लाख तक का इलाज मुफ्त: कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैशलेस इलाज की सुविधा आयुष्मान योजना के तहत दी जाएगी. यह सरकारी कर्मचारियों से अलग होगी. सरकारी कर्मचारियों की दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सा सुविधा योजना में राज्य कर्मचारियों को सरकारी अस्पतालों में अनलिमिटेड इलाज की सुविधा दी गई है. इस योजना में ऐसा नहीं होगा, इसमें 5 लाख तक की सीमा तय की गई है.

शहरी विकास और अमृत 2.0 योजना: नगर विकास विभाग के तहत अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत-2.0) के तहत गोरखपुर नगर निगम में जोन ए-3 सीवरेज योजना को 72140.41 लाख रुपए (जीएसटी सहित) की मंजूरी दी गई. वाराणसी में 18 प्रभावित वार्डों (दुर्गाकुंड, नरिया, सरायनंदन, जोल्हा उत्तरी, भेलूपुर आदि) में सीवर लाइन और गृह संयोजन के लिए 26649.44 लाख रुपए की परियोजना को हरी झंडी मिली.

यह प्रस्ताव हुए पास: उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिह्न और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिलेगी. उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू करने का प्रस्ताव पास हो सकता है. विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली और नियमावली में बदलाव, परिवहन विभाग में मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन, इलेक्ट्रिक वाहनों पर पंजीकरण शुल्क छूट, फेसलेस सेवाएं शुरू करना, नई नियमावलियां (2026) और 351 सहायक मोटर यान निरीक्षक पदों का सृजन जैसे प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई

इसके अलावा बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला स्थापना के लिए विकास प्राधिकरण को नामित करना, मुख्यमंत्री अध्येतावृति के लिए आयु सीमा शिथिलीकरण नियमावली, 2026, सिविल सेवा और न्यायिक सेवा नियमावलियों में संशोधन, गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना का विस्तार और आधुनिकीकरण का प्रस्ताव भी पास किया गया.

सहकारी चीनी मिल्स संघ को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ऋण पर शासकीय गारंटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण, पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क (लखनऊ-हरदोई) के लिए जलापूर्ति परियोजना (45850.11 लाख रुपए), ईंट भट्ठा नियमावली में संशोधन, इलेक्ट्रॉनिक्स नीति संशोधन, वाराणसी-चंदौली और देवरिया मार्गों का चौड़ीकरण, उप निबंधक कार्यालयों में अभिलेखों का डिजिटाइजेशन, नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन गठन, उप खनिजों की रॉयल्टी और डेड रेंट दरों में संशोधन, बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि व्यवस्था का प्रस्ताव भी पास किया गया.