वाराणसी : न्यायालय ने गुरुवार को एक पुराने मामले में फैसला देते हुए 11 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है. न्यायालय ने अभियुक्तों को दोष सिद्ध करते हुए सजा सुनाई है. प्रकरण अवैध तरीके से होटल में वेश्यावृत्ति, स्कूल-काॅलेज की लड़कियों को कमरा दिए जाने के विरोध करने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी व समाजसेवी विशाल सिंह को गोली मारने से जुड़ा है.
बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और केस के एडवोकेट अवधेश सिंह ने बताया कि यह फैसला न्यायालय स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यूपीएसईबी) वाराणसी के न्यायाधीश विनोद कुमार ने दिया. न्यायालय ने 11 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए पंकज गुप्ता को धारा 307/149 IPC में आजीवन कारावास एवं 1 लाख रुपये जुर्माना तथा धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष एवं 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है.
अवधेश सिंह के मुताबिक 29 सितंबर 2021 को विशाल कुमार सिंह को गोली पंकज गुप्ता ने मारी गई थी. विशाल कुमार सिंह विजयनगरम मार्केट कैंट होटल में अवैध रूप से वेश्यावृति और कॉलेज के लड़के लड़कियों को रूम देने का विरोध किया करते थे. इस बाबत उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए थे. इससे परेशान होकर इस काम में लिप्त लोगों और होटल संचालन करने वाले सरफराज, वसीम, परवेज, शाहजहां, नुसरत नूरानी, जैनुलहक, अनुज, अनूप, रतन, रवि, तौफीक ने पंकज गुप्ता के साथ षड्यंत्र करके विशाल सिंह को गोली मार दी थी. इलाज के दौरान विशाल सिंह की मौत हो गई थी.
अधिवक्ता अवधेश सिंह के अनुसार दौरान ट्रायल अभियोजन द्वारा कुल 12 गवाह पेश हुए. सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी 11 अभियुक्तों को दोषी पाते हुए पंकज गुप्ता को आजीवन कारावास एवं 1 लाख रुपये जुर्माना, आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष एवं 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई. अभियुक्त सरफराज, परवेज, वसीम, शाहजहां, नुसरत नूरानी, जैनुअल हक, अनुज गुप्ता, रतन, रवि, तौफिक को 14 वर्ष एवं प्रत्येक को 1 लाख रुपये जुर्माना दोष सिद्ध किया गया है. घायल विशाल सिंह को 8 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना की राशि दिए जाने का आदेश दिया है. इस मामले में शामिल एक अभियुक्त अनूप गुप्ता की पहले ही मृत्यु हो गई थी.