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Daily Insider Desk
• Tue, 14 Dec 2021 2:59 pm IST

बिज़नेस

UFBU ने 16 और 17 दिसंबर को बैंक हड़ताल का किया आह्वान, जानिए क्या है वजह?

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UBFU) ने सोमवार को आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 13 कॉरपोरेट्स के ऋण बकाया होने के चलते लगभग ₹ 2.85 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है यहां तक ​​​​कि बैंकों का इस्तेमाल यस बैंक और IL&FS जैसे संकटग्रस्त वित्तीय संस्थानों को उबारने के लिए किया जाता है।

प्रेस विज्ञप्ति में, UFBU के संयोजक बी. रामबाबू ने कहा कि संगठन ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 के विरोध में और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण वाले केंद्र के कथित कदम का विरोध करते हुए, 16 और 17 दिसंबर को दो दिवसीय अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। UFBU द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 13 कॉरपोरेट्स की बकाया राशि ₹4,86,800 करोड़ थी और इसे ₹1,61,820 करोड़ पर हल किया गया। जिसकी वजह से ₹2,84,980 करोड़ का नुकसान हुआ।

उन्होंने कहा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का उपयोग कमजोर और संकटग्रस्त निजी क्षेत्र के बैंक जैसे ग्लोबल ट्रस्ट बैंक, यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक, बैंक ऑफ कराड, आदि को राहत देने के लिए किया जाता रहा है। हाल के दिनों में यस बैंक को एसबीआई ने संकट से बाहर निकाला है। निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी एनबीएफसी, आईएल एंड एफएस, को सार्वजनिक क्षेत्र के एसबीआई और एलआईसी द्वारा फिर से संकट से बाहर निकाला गया था

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जन धन, बेरोजगार युवाओं के लिए मुद्रा, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए स्वधन, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना जैसे अधिकांश सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं में भाग लेते हैं। इसलिए यूएफबीयू का मानना ​​है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण से आम लोगों और देश के पिछड़े क्षेत्रों के हितों को खतरा होगा। सरकार द्वारा संसद में बैंकों के निजीकरण के विधेयक को आगे बढ़ाने की स्थिति में, बैंक कर्मचारी और अधिकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल सहित किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं