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Daily Insider Desk
• Tue, 24 Jan 2023 5:21 pm IST

राजनीति

जयन्ती पर याद किए गए कर्पूरी ठाकुर

बस्ती:  मंगलवार को जन नायक कर्पूरी ठाकुर को उनके 99वें जयन्ती पर याद किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता पवन वर्मा के नेतृत्व में रंजीत कालोनी में कार्यक्रम आयोजित कर उनके चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही उन्हें नमन करते हुये योगदान पर प्रकाश डाला। कर्पूरी ठाकुर के योगदान पर चर्चा करते हुए पवन वर्मा ने कहा कि वे देशी माटी में जन्मे देशी मिजाज के राजनेता थे, जिन्हें न पद का लोभ था, न उसकी लालसा और जब कुर्सी मिली भी तो उन्होंने कभी उसका न तो धौंस दिखाया और न ही उसका तामझाम। 
मुख्यमंत्री रहते हुए सार्वजनिक जीवन में ऐसे कई उदाहरण हैं जब उन्होंने कई मौकों पर सादगी की अनूठी मिसाल पेश की। भारतीय राजनीति में ऐसे विलक्षण राजनेता कम ही मिलते हैं। शायद इसीलिए कर्पूरी ठाकुर को सिर्फ नायक नहीं अपितु जननायक कहा गया। मांग किया कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाना आवश्यक है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ तथा बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं कर्पूरी ठाकुर का जन्म भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान समस्तीपुर के एक गाँव पितौंझिया, जिसे अब कर्पूरीग्राम कहा जाता है, में हुआ। बताया कि  भारत छोड़ो आन्दोलन के समय उन्होंने 26  महीने जेल में बिताए थे। उनकी जड़ें जनता-जनार्दन के बीच गहरी थीं। तब संचार के इतने सशक्त माध्यम नहीं थे। बावजूद इसके कोई घटना होने पर वह सबसे पहले उनके बीच पहुंचते थे। यह जनता के बीच उनकी गहरी पैठ और आपसी सामंजस्य का प्रतिफल था। वो हमेशा जनता की बेहतरी के लिए प्रयत्नशील रहे। ऐसे जन नेता से राजनीतिज्ञों को प्रेरणा लेनी चाहिये।