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Daily Insider Desk
• Fri, 15 Jul 2022 7:50 pm IST

एक्सक्लूसिव

राष्ट्रवाद की अलख जगाने रुके न अब तो कलम हमारी : वीरेन्द्र वत्स

डेली इनसाइडर है राष्ट्रवादी कवि वीरेन्द्र वत्स की पहली पसंद

दिनेश सिंह
लखनऊ। विधानसभा में बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कविता पढ़ी, जिसकी खूब चर्चा रही। योगी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा- 
नजर नहीं है नजारों की बात करते हैं, 
जमीं पर चांद सितारों की बात करते हैं।
हाथ जोड़कर बस्ती को लूटने वाले,
सभा में सुधारों की बात करते हैं।
ये वक्तव्य जरूर सीएम योगी के रहे, मगर इसे लिखने वाले हैं राष्ट्रवादी कवि वीरेन्द्र प्रताप सिंह (वीरेन्द्र वत्स)। 
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक वीरेन्द्र वत्स किसी परिचय के मोहताज नहीं। ये कोई इकलौता वाकया नहीं कि वीरेन्द्र वत्स की रचना 
पढ़कर विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को घेरा हो। इसके अलावा नजीर और भी हैं। वीरेन्द्र वत्स की कविताएं पढ़कर कई नेता सांसदी और विधायकी का टिकट तक पा गए। इनमें कुछ तो वर्तमान में सांसद हैं भी। वीरेन्द्र वत्स कहते हैं कि राष्ट्रवाद की अलख जगाने के लिए अब हमारी कलम चलती ही रहेगी। 
सुल्तानपुर जिले के मूल निवासी और राजधानी लखनऊ में पत्रकारिता के झंडाबरदार वीरेन्द्र वत्स को उनकी कविताएं देश विदेश में सम्मान दिलाती रही हैं। 

देश विदेश में मिला सम्मान
नार्वे में अंतरराष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान, मुंबई में डॉक्टर राम मनोहर त्रिपाठी पत्रकारिता सम्मान, लखनऊ में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार का सम्मान, लखनऊ में ही अखिल भारतीय भोजपुरी सम्मान, सुल्तानपुर में ज्ञान गौरव सम्मान के अलावा हिंदी और भोजपुरी फिल्मों के लिए लेखन में भी वीरेन्द्र वत्स को सम्मानित किया जा चुका है।

राष्ट्रवादी कवि की रचनाएं - कोई तो बात उठे गजल संग्रह, अंत नहीं यह काव्य संग्रह समेत देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। 

लगातार दो साल से देश में पहला नंबर 
मुख्य रूप से झांकी के लिए लिखे गए गीत लगातार दो वर्षों से वीरेन्द्र वत्स की प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अभियानों के गीत वीरेन्द्र वत्स ने लिखे हैं। इनमें दिल्ली के राजपथ पर निकली 2021 और 2022 के उत्तर प्रदेश गणतंत्र दिवस पर गीत भी शामिल हैं। इनकी रचना- विश्वनाथ से मिलकर पुलकित है गंगा की धारा और जहां अयोध्या सियाराम की देती समता का संदेश, कला और संस्कृति की धरती, धन्य धन्य उत्तर प्रदेश को लगातार प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। दोनों साल झांकी देशभर में प्रथम पुरस्कार जीतने में सफल रही। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में बजाए गए चौरी चौरा और सुहेलदेव जयंती महोत्सव गीत को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिल चुकी है। 

महादेवी की छांव में सीखी रचना
प्रयागराज में छात्र जीवन के दौरान महादेवी वर्मा, डॉ रामकुमार वर्मा, डॉक्टर जगदीश गुप्त, रामस्वरूप चतुर्वेदी, मोहन अवस्थी जैसे सिद्ध रचनाकारों के सानिध्य में वीरेन्द्र वत्स पले बढ़े।