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Daily Insider Desk
• Sun, 8 May 2022 8:01 pm IST


69000 शिक्षक भर्ती मामले में यूपी सरकार को हाईकोर्ट से झटका, सभी पक्षकारों से 18 जुलाई तक मांगा जवाब

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है। गैर विज्ञापित 19000 पदों में आरक्षित वर्ग को 6800 सीटें दिए जाने के मामले में जारी चयन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि 69000 पदों के अतिरिक्त किसी भी पद पर नियुक्ति न की जाए। कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षकारों से 18 जुलाई तक जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने आलोक सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है। 

याचिका में आरोप है कि भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी की जगह केवल 3.80 फ़ीसदी ही आरक्षण दिया गया है। इसी प्रकार एससी वर्ग को 21 प्रतिशत की जगह सिर्फ 16.2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जो पूरी तरह गलत है क्योंकि इस भर्ती प्रक्रिया में लगभग 19000 सीटों पर आरक्षण घोटाला हुआ है जबकि सरकार ने 19000 सीटों के सापेक्ष मात्र 6800 सीटें ही दी हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार विज्ञापन जारी किए बगैर एक भी सीट पर भर्ती नहीं कर सकती।

विज्ञापित पदों के अलावा कोई भर्ती नहीं

इस भर्ती का मूल विज्ञापन 69000 सहायक अध्यापक भर्ती का है। ऐसी स्थिति में इन विज्ञापित पदों के अलावा एक भी सीट पर नियुक्ति नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षकारों से 18 जुलाई तक जवाब मांगा है। इसके पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरकार को इस भर्ती पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। इसके साथ ही अगले आदेश तक कोई भी भर्ती नहीं करने का निर्देश दिया गया था।