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Daily Insider Desk
• Fri, 15 Jul 2022 7:06 pm IST

ब्रेकिंग

उद्योगों की बढ़ी रफ्तार, रोजगार की संभावनाओं का हुआ विस्तार: एमएसएमई मंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा, रेशम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को लोक भवन में 100 दिन की विभागीय उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये बताया कि सीएम योगी ने 30 जून को मेगा लोन मेला का शुभारम्भ किया था। जिसके माध्यम से प्रदेश के एक लाख 90 हजार लाभार्थियों को विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं के अन्तर्गत 16 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। इसके साथ ही एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) सामान्य सुविधा केन्द्र योजना के अन्तर्गत आजमगढ़, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, अम्बेडकरनगर और आगरा में सामान्य सुविधा केन्द्र की शुरूआत सीएम ने की है। उन्होंने बताया कि नई एमएसएमई नीति-2022 बहुत जल्द लागू की जायेगी। इस नीति के अन्तर्गत उद्यमियों को प्रदान किये जाने वाले लाभों को ससमय और सुगमता से उपलब्ध कराते हुए सभी लाभों को जीएसटी से डी-लिंक किया जायेगा।

100 दिन में 73 उद्यम स्थापित

मंत्री राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश के एमएसएमई अधिनियम के अन्तर्गत 100 दिनों में 73 उद्यम स्थापित हो चुके हैं। इस प्रकार अब तक कुल 7202 उद्यम इस अधिनियम के अन्तर्गत स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के पारदर्शी और सुगम क्रियान्वयन के लिए विभाग के सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित किये जाने के लिए कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

केंद्र सरकार के पोर्टल पर यूपी की एक लाख 20 हजार से ज्यादा इकाईयां पंजीकृत  

मंत्री सचान ने कहा कि वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश की कुल 1,20,217 इकाईयां भारत सरकार के उद्योग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पोर्टल पर पंजीकृत हो चुकी हैं। भारत सरकार की क्लस्टर विकास योजना के अन्तर्गत आगरा, कानपुर नगर व गोरखपुर में फ्लैटेड फैक्ट्री काम्प्लेक्स स्थापित करने सम्बन्धी परियोजनाएं स्वीकृत की गयी है। जिनमें आगरा और कानपुर नगर की परियोजनाएं शिलान्यास के लिए तैयार हैं। औद्योगिक आस्थान फर्रूखाबाद और तालकटोरा में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गयी हैं। जिनमें शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। इसी प्रकार 100 दिनों में औद्योगिक आस्थान कौंच (जालौन), सलारपुर (बदांयू) में अवस्थापना सुविधाओं के उच्चीकरण का प्रस्ताव भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी प्रशिक्षण व टूलकिट योजना के अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40,000 परम्परागत हस्तशिल्पियों और कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।  

गोबर से होगी अतिरिक्त आय

मंत्री राकेश सचान ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के 100 दिनों की उपलब्ध्यिों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनपद प्रयागराज में ऊनी धागा प्रशोधन केन्द्र की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। भवन का लगभग 35 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रयागराज में ही गोबर गैस प्लाण्ट की स्थापना कार्य प्रारम्भ है। प्लाण्ट के स्थापित होने से उत्पादित कम्प्रेस्ड गैस से लगभग 400 परिवारों को ईंधन और उत्पादित जैविक खाद क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध होगा। साथ ही गौ-पालकों को गोबर से अतिरिक्त आय होगी। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 200 लोगों को नियमित रोजगार भी प्राप्त हो सकेगा।

प्रशिक्षण के साथ दिया जा रहा रोजगार

राकेश सचान ने कहा कि टूलकिट्स वितरण और प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत 200 सोलर चरखा, 260 दोना पत्तल मशीन और 240 पॉपकार्न मशीन का निःशुल्क वितरण कराते हुए लगभग 1900 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। उपकरणों की खरीद का कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना योजनाओं के अंतर्गत 8587 आवेदन-पत्र बैंकों को दिये गये हैं। बैंकों द्वारा 2313 आवेदन-पत्र स्वीकृत कर 1120 इकाइयों को ऋण वितरण किया गया है, जिससे 12626 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा खादी उत्पादन केन्द्रों द्वारा 17453 मीटर खादी वस्त्र का उत्पादन किया जा चुका है।

बुनकरों पर विशेष ध्यान

राकेश सचान ने रेशम विभाग द्वारा 100 दिन के अंदर किये कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा सहायतित सिल्क समग्र योजना के अन्तर्गत 1000 कृषकों को वृक्षारोपण, कीटपालन गृह निर्माण सहायता, प्रशिक्षण एवं उपकरण आदि के लिए अनुदान सहायता उपलब्ध कराई गई। शहतूती सेक्टर के 180 लाभार्थियों को केन्द्रीय रेशम बोर्ड के प्रशिक्षण संस्थान सीएसएसआर एण्ड टीआई, बरहमपुर पश्चिम बंगाल एवं मैसूर कर्नाटक से प्रशिक्षण तथा एस्पोजर विजिट पूर्ण कराया गया है। 70 लाभार्थियों को सरदार बल्लभ भाई पटेल प्रशिक्षण संस्थान मिर्जापुर से प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विजिट कराया गया है। एक जनपद एक उत्पादन (ओडीओपी) योजना के अन्तर्गत वाराणसी स्थित सिल्क एक्सचेंज का सुदृढीकरण कार्य  प्रारम्भ हो चुका है। यहां बुनकरों को उत्पाद के विक्रय के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध हो जाएगा। जिससे उनको उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा और दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्राप्त हो सकेंगे और परिसर में टेस्टिंग सुविधा भी उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य सरकार के अनुरोध पर सिल्क एक्सचेंज वाराणसी परिसर में निःशुल्क विक्रय केन्द्र खोलने के लिए स्थान उपलब्ध करा दिया गया है। जिससे बुनकरों को सीधे उनकी मांग के अनुसार सिल्क धागे की उपलब्धता होगी। बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 13 रीलिंग इकाईयों की स्थापना के टेण्डर की कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है। रीलिंग इकाईयों के संचालित हो जाने से किसानों को उनके कोये का उचित मूल्य प्राप्त होगा और दूसरी तरफ बुनकरों को उनकी मांग के अनुसार धागे की आपूिर्त हो सकेगी।

16 इकाईयों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी

मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल और गारमेन्टिंग पॉलिसी-2017 के अंतर्गत 16 वस्त्र इकाईयों के पक्ष में ‘लेटर आफ कम्फर्ट जारी किये गये हैं। इन इकाईयों द्वारा कुल 196.51 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और 3243 व्यक्तियों को रोजगार मिला है। राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 19 हथकरघा क्लस्टरों के प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजे गये हैं। इन क्लस्टरों के विकास के लिए 25.55 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रस्तावित की गयी है। जिसके प्राप्त होने पर 2591 हथकरघा बुनकर लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि वस्त मंत्रालय, भारत सरकार की पीएम मित्र योजना के अंतर्गत हरदोई जिले में मेगा इन्टीग्रेटेड टेक्सटाइल और अपैरल पार्क की स्थापना के लिए भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू हो गई है। पार्क में वस्त्र इकाईयों की स्थापना होने पर लगभग 5 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलने की सम्भावना है। सचान ने कहा कि नोएडा में अपैरल पार्क की स्थापना के लिए भूमि की व्यवस्था हो गयी हैं। इस अपैरल पार्क में 3000 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 115 निर्यातोन्मुखी वस्त्र इकाईयां स्थापित की जायेंगी, जिससे लगभग 2 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से पावरलूम संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बुनकर सौर ऊर्जा योजना के नाम से एक नयी योजना शुरू की जायेगी। इसकी समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। योजना के संचालन से पारम्परिक विद्युत ऊर्जा की खपत कम होगी, जिससे प्रदूषण में कमी के साथ वस्त्र उत्पादन की लागत में भी कमी आयेगी और बुनकरों को आर्थिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल पॉलिसी-2017 में नवाचार को सम्मिलित करके नई उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल पॉलिसी-2022 का ड्राफ्ट तैयार करके शासन के परामर्शी विभागों को अभिमत के लिए भेजा गया है। नई पॉलिसी के क्रियान्वयन से प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में निवेश में और अधिक बढ़ोत्तरी होगी तथा अधिकारिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।