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Daily Insider Desk
• Wed, 29 Sep 2021 10:32 pm IST

एक्सक्लूसिव

युवाओं से संवाद करेंगी मायावती! जानिए क्या है बसपा की पूरी प्लानिंग

सुशील कुमार

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी लगातार अपने लिए बनी धारणाओं को तोड़ती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में बसपा की मुखिया मायावती युवाओं से संवाद कर सकतीं हैं। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। अक्टूर के अंतिम और नवंबर के पहले सप्ताह में बसपा की ओर से चल रहे युवा संवाद कार्यक्रम का बड़ा आयोजन किया जा सकता है। जिसमें बसपा प्रमुख मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ शिरकत करेंगी। इस संवाद कार्यक्रम में प्रदेश भर से करीब पांच हजार ऐसे युवाओं को लाया जाएगा जो बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और उसके शासनकाल में किए गए कार्यों से अवगत होंगे। साथ ही बहुजन मिशन की प्रेरणा से लैस होंगे। हालांकि, अभी तक इस कार्यक्रम की तारीखें नहीं तय की गईं हैं। लेकिन, यह लगभग क्लियर है कि इस कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो शिरकत करेंगी। गौरतलब है कि हाल ही में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा की ओर से चलाए जा रहे प्रबुद्ध यानी ब्राह्मण सम्मेलन के अंतिम आयोजन में भी मायावती ने शिरकत की थी। अगर बसपा युवा संवाद में मायावती आतीं हैं तो यह उनका दूसरा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा।

क्या है बसपा का युवा संवाद कार्यक्रम

बसपा युवा संवाद कार्यक्रम की शुरूआत सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे कपिल मिश्रा ने की थी। लखनऊ में ही पहली बार इस तरह का आयोजन किया गया था। हालांकि, इसके पहले आकाश आनंद ने भी दिल्ली में युवाओं से मुलाकात की थी। जिसके बाद से ही यह तय हो गया था कि इस बार बसपा अपनी बदली हुई रणनीतियों के साथ युवाओं को भी मौका देने पर विचार कर सकती है। उसके बाद कपिल मिश्रा के कार्यक्रम से तय हो गया था कि इस बार बसपा की नजर युवाओं पर है। इस कार्यक्रम में युवाओं से राजनीतिक फीडबैक लिया जा रहा है। साथ ही काडर बेस पर काम करने की रणनीति बताई जा रही है।


आकाश के लिए जमीन मजबूत करने में जुटीं मायावती

बसपा को करीब से देखने जानने वालों की मानें तो मायावती की कोशिश है कि युवाओं को मौका देकर भतीजे आकाश आनंद के लिए भविष्य की जमीन को मजबूत किया जा सके। पुराने नेताओं की रुखसती के बाद बसपा एक नए क्लेवर में दिखाने की मंशा के पीछे के आकाश के लिए सियासी पिच को मजबूत करने की रणनीति भी हो सकती है। यही कारण है कि अब बसपा के अधिकांश बड़े कार्यक्रमों में आकाश दिखाई देने लगे हैं। वहीं युवाओं से किनारा करने वाली बसपा सबसे ज्यादा मौका दे रही है। आकाश को लेकर पुराने नेताओं के बीच स्वीकार्यता नहीं है। ऐसे में युवाओं को मौका देने से बसपा को नेताओं की एक नई खेप के साथ आकाश की स्वीकार्यता भी बढ़ेगी।


बूथ से लेकर को-ऑर्डिनेटर तक की जिम्मेदारी

बसपा ने टिकट बंटवारे में बड़ी जिम्मेदारी निभाने वाले को-ऑर्डिनेटर के पद पर सबसे ज्यादा युवाओं को मौका दिया है। सभी को-ऑर्डिनेटर अपने-अपने क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। अब इनकी कोशिश है कि बूथ लेवल पर भी युवाओं को मौका दिया जाए। इसका बकायदा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला इकाईयां लगातार बैठकें कर बूथों के गठन पर मंथन कर रहीं हैं। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उनसे लगातार संवाद किया जा रहा है।


कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में बढ़ा रहे संपर्क

बसपा के लिए काम करने वाले युवाओं की फौज के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध कर युवाओं से संपर्क किया जा रहा है। मिशनरी सोच वाले प्रोफेसरों से संपर्क ऐसे युवाओं की पहचान की जा रही है जो अपने पढ़ाई से वक्त निकालकर बसपा के लिए पार्ट टाइम कर सकें। ऐसे युवाओं को ज्यादातर सोशल मीडिया का काम दिया जा रहा है। ये युवा बसपा के लिए सोशल मीडिया पर मायावती के शासनकाल में किए गए कार्यों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। वहीं सरकार की खामियों पर भी लगातार लिख रहे हैं।


युवाओं को मौका देकर नए चेहरे तैयार करने की कवायद

बसपा इस बार के विधानसभा चुनाव में युवाओं पर दांव आजमाने जा रही है। दावा किया जा रहा है कि करीब 50 फीसदी टिकट युवाओं को दिए जाएंगे। गौरतलब है कि बसपा के पुराने साथी एक के बाद एक बसपा को छोड़ते जा रहे हैं। बसपा की कमजोर होती स्थिति को देखकर मायावती ने तय किया है कि युवाओं की एक नई फौज तैयार की जाए। जिससे कि आने वाले दिनों में बसपा कमजोर होने के बजाय मजबूत की जा सके।