अयोध्या में CM योगी का सख्त संदेश: सबूत हैं तो SIT को दें, दोषी किसी कीमत पर नहीं बचेंगे

अयोध्या: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कहा कि हम राम जन्मभूमि को बदनाम करने वाले लोगों के बहकावे में नहीं आएंगे. उन्होंने कहा कि अगर (राम मंदिर दान गबन ) इस मामले में कोई सबूत है तो एसआईटी को दें. 15 दिन और देख लीजिए सब साफ हो जाएगा. एसआईटी की जांच रिपोर्ट आते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. सीएम योगी वीरांगना झलकारी बाई की भव्य प्रतिमा के अनावरण एवं विभिन्न लोक-कल्याणकारी विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास हेतु रुदौली विधानसभा पहुंचे थे.

उन्होंने कहा कि इसी अयोध्या के नाम पर और जय श्री राम के नाम पर लाठी और गोलियां चलाते थे. इनके दोगले चरित्र को देखो जो कांग्रेस अयोध्या में भगवान राम का मंदिर ना बनने पाए इसके लिए एड़ी चोटी लगाई थी. पूरी ताकत लगा दी थी और न्यायालय में राम के न होने का शपथ पत्र दिया था जिसने पहचान का संकट खड़ा किया था. वह कांग्रेस आज अयोध्या पर मचल रही है. बोल रही है कि राम भक्तों का अपमान हो गया. तब क्या राम भक्तों का अपमान नहीं हो रहा था जब आप कहते थे आपका नेता सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करते थे. भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर रही थी. आज वह मचलती हुई दिखाई दे रही है.

कहा कि समाजवादी पार्टी के दौहरे चरित्र को देखों, जो आज कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है. राम भक्तों रामसेवकों पर गोली चलाने, और जय श्री राम बोलने पर लाठी भाजने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं. वही अपील करते हुए कहा कि सभी राम भक्तों से अयोध्या के बारे में जो सुनने को मिला, ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई है. और इस बात को कह सकता हूं कि एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है.

मैं सभी से यह अनुरोध करूंगा सभी पक्षों से कहूंगा, की कोई भी ऐसी अनर्गल टिप्पणी वह बातें ना हो, जो राम भक्तों के कल्पनाओं व भावनाओं को आहत करती हो. वहीं अपील की कि अगर किसी के पास कोई डॉक्यूमेंट्री प्रूफ है तो वह कृपया एसआईटी को उपलब्ध करा दें वह जांच करके देगी. राम भक्तों से कहना चाहूंगा कि प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है अनुशासित रहने का आचरण दिया है. हमने उसे मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षों तक प्रभु श्री राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है तो 15 दिन और देख लें. इंतजार कर ले चिंता ना करें. हम अयोध्या को बदनाम करने वाले राम जन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई ना आएं.

सीएम योगी अयोध्या में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से अयोध्या धाम को बदनाम करने का प्रयास न करें. अगर कोई अपराधी हैं तो वह नहीं बचेगा यह सुनिश्चित है. वह हमें क्या बताएंगे जो राम को बदनाम करते थे और प्रदेश के कुख्यात माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते थे. उन्होंने कहा कि राम मर्यादित थे उसी तरह हमें भी मर्यादित रहना होगा. आज अयोध्या एक नई अयोध्या के रूप में दुनिया को आकर्षित कर रही है. यह नगरी सोलर नगरी बन गई है. अयोध्या की फोर लेन इन्हें अच्छी नहीं लगती. इंटरनेशनल एयरपोर्ट इनको अच्छा नहीं लगता.

माता शबरी के नाम पर भोजनालय इनको अच्छा नहीं लगता है. सरयू इन्हें अच्छी नहीं लगती है. ये राम विरोधी थे. ये लोग कैसे भगवान राम की पावन अयोध्या के भव्य स्वरूप को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं. इन्होंने अपने विधायकों को अयोध्या जाने से रोका. जब सपा के एक विधायक ने कहा कि सभी विधायकों को राम के दर्शन करने चाहिए. इस पर अखिलेश यादव ने इस पर रोक लगा दी. उन्होंने मनोज पांडेय को पार्टी से निकाल दिया. आज वे प्रदेश सरकार के मंत्री के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं. ये लोग कभी अयोध्या नहीं आए. ये अयोध्या को बदनाम करने में जुटे हैं. आज हम एक ही विधानसभा में 126 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे हैं.