लखनऊ:उत्तर प्रदेश में आमतौर पर 18 जून तक मानसून दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार प्रदेश के मानसून पर अलनीनो का साया गहराता जा रहा है। मौसम विभाग का आकलन है कि इस बार मानसून की दस्तक में कम से कम एक सप्ताह या उससे अधिक की देरी हो सकती है। वहीं इस वर्ष जून से सितंबर के दाैरान सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक प्रदेश में इस बार बारिश औसत के 90 प्रतिशत से भी कम रह सकती है। इतना ही नहीं, यूपी में जून में सामान्य वर्षा की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम बारिश होने की संभावना है।
जून में कम बारिश से फसलों पर पड़ेगा असर
लखनऊ के विशेषज्ञ डाॅ. सत्येंद्र कुमार सिंह के मुताबिक जून के शुरुआती दिनों में होने वाली बारिश कई खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में लौकी, करेला, तोरई, भिंडी और ग्वार फली जैसी हरी सब्जियों के साथ-साथ अरहर, मक्का और बाजरा जैसी फसलों की बुआई और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।