लखनऊ: यूपी में लखनऊ रेलवे स्टेशन और आसपास के स्टेशन फिल्मों की शूटिंग के लिए हॉटस्पॉट बने हुए हैं. लगातार बुकिंग की जा रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कि फिल्म के दृश्य शूट करने से लेकर OTT प्लेटफॉर्म के लिए सीन शूट करने के अलावा डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए रेलवे के किन-किन नियमों का पालन करना होता है? कितने घंटे के लिए ट्रेन और स्टेशन को बुक किया जा सकता है? रेलवे किस कैटेगरी के स्टेशन पर शूटिंग के लिए कितना शुल्क वसूल करता है? साथ ही किन-किन जगह पर रेलवे स्टेशन या कोचिंग डिपो बुक होने के बावजूद शूटिंग नहीं की जा सकती है.
राजधानी लखनऊ में वैसे तो तमाम फिल्मों की शूटिंग हुई है. कई बड़े कलाकार शहर के विभिन्न स्थान पर फिल्मों की शूटिंग कर चुके हैं, लेकिन यूपी के जितने भी रेलवे स्टेशन हैं, उनमें फिल्मों की शूटिंग के मामले में फिल्म निर्माता और निर्देशकों का पसंदीदा स्टेशन लखनऊ के हैं.
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में वर्ष 2017 से अब तक दर्जनों फिल्मों के सीन शूट किए जा चुके हैं. बड़े अभिनेता और अभिनेत्रियों ने लखनऊ जंक्शन समेत सिटी स्टेशन, ऐशबाग कोचिंग डिपो में फिल्म के दृश्य शूट किए हैं.
निर्माताओं की पसंद लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने में कई ऐसे स्टेशन हैं, कई ऐसे परिसर हैं, जहां पर बहुत ही प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. कई बड़े प्रोडक्शन हाउस और सितारे यहां पर शूटिंग कर चुके हैं. रेलवे परिसर में ट्रेन भी हैं, स्टेशन पर लोकेशंस भी हैं.
क्या हैं नियम: सबसे पहले अगर किसी को स्टेशन पर किसी भी तरह की फीचर फिल्म की शूटिंग करनी है या डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग करनी है, तो अनुमति जोनल हेड क्वार्टर गोरखपुर से सीपीआरओ ऑफिस से लेनी पड़ती है. इसके लिए कुछ शर्ते हैं, जो पूरी करनी होती हैं. जिन स्टेशन पर फिल्मों की शूटिंग होती है. वह तीन कैटेगरी के हैं. वह एचआरए क्लासिफिकेशन ऑफ सिटीज पर आधारित है.
कितना शुल्क देना होगा: अगर एक्स श्रेणी के स्टेशन पर फिल्म की शूटिंग करते हैं, तो एक दिन का शुल्क ₹200000 होता है. हमारे डिवीजन में वाई श्रेणी के स्टेशन हैं, उसमें प्रतिदिन का ₹100000 शुल्क लगता है.
जेड श्रेणी का कोई स्टेशन है तो उस पर ₹50000 प्रतिदिन का शुल्क लिया जाता है. इसी तरह अगर कोई डॉक्यूमेंट्री शूट करना चाहते हैं तो एक्स श्रेणी के स्टेशन के लिए डेढ़ लाख, वाई कैटेगरी के लिए 75,000 और जेड कैटेगरी के स्टेशन का 37,500 रुपए है.
कौन से दस्तावेज जरूरी: पीआरओ महेश गुप्ता बताते हैं कि सबसे पहले स्टेशन पर शूटिंग करना चाहते हैं तो उसका ग्रुप इंश्योरेंस होता है. यह पांच करोड़ रुपए का होता है. इसमें ट्रेन इंवॉल्व नहीं होती है. पांच लाख रुपए सिक्योरिटी मनी जमा करना होती है, जो रिफंडेबल होती है.
एक एग्रीमेंट फर्म और मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के बीच साइन होता है. इसमें फीचर फिल्म की स्क्रिप्ट देनी होती है. उसकी कास्ट के बारे में बताना होता है. यह शर्त होती है कि आप किसी स्टेशन परिसर एरिया में शूट कर रहे हैं, तो किसी भी तरह का कोई नुकसान रेल यात्रियों को या रेल कर्मचारियों और रेल परिचालन का नहीं होना चाहिए.
इन स्टेशनों पर शूटिंग प्रतिबंधित: जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता बताते हैं कि रेलवे स्टेशन में कुछ प्रतिबंधित स्थान होते हैं, जहां पर शूटिंग की इजाजत नहीं मिलती है. इनमें रेल संरक्षा और रेल सुरक्षा से संबंधित नियम हैं, उन्हें फॉलो करना होता है.
इसी तरह चलते हुए इंजन और कोच के पायदान या रेलवे ट्रैक पर शूटिंग करने की मनाही होती है. इन्हें फॉलो करके ही शूटिंग करना होता है. शूटिंग के बाद जो भी फुटेज हैं, वह भी हमारे यहां मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में जमा करना होता है.
मूविंग ट्रेन में शूटिंग के नियम: पीआरओ महेश गुप्ता बताते हैं कि स्टेशनों की तरह ही अगर ट्रेनों की बुकिंग फिल्म शूटिंग के लिए करते हैं, तो मूविंग ट्रेन की व्यवस्था है. उसमें इंजन होता है, चार डिब्बे होते हैं और एक एसएलआर होता है.
नॉन एसी कोचों का कांबिनेशन है, तो 4,74,345 रुपए एक दिन का टैरिफ है. अगर वातानुकूलित कोच चाहिए तो उसमें 5% जीएसटी बढ़ जाती है. इसमें ट्रेन का शूट करने पर उसकी कीमत बढ़कर 20 करोड़ रुपए हो जाती है और सिक्युरिटी मनी जो रिफंडेबल होती है, वह मिनिमम ढाई लाख रुपए की होती है.
जैसे-जैसे कोच बढ़ेंगे, वैसे-वैसे प्रति कोच ₹50000 बढ़ता जाएगा. एग्रीमेंट और उसकी कंडीशन सिमिलर है. जो फिल्म शूट करना चाहते हैं, वह हमारे स्टेशनों पर, परिसर में और कोचिंग डिपो में शूट कर सकते हैं. बड़े-बड़े नामी अभिनेता और प्रोडक्शन हाउस हमारे यहां सूट कर चुके हैं. काफी बेहतरीन फिल्में साबित हुई हैं.
पुरानी वास्तुकला के साथ मॉडर्न स्टेशन की लोकेशन: वह बताते हैं कि हमारे स्टेशन में पुरानी वास्तुकला के साथ-साथ नए मॉडल भी हैं. कुछ ऐसे स्टेशन और सेक्शन हैं, जहां पर आज भी पुराने स्टेशन की झलक मिलती है.
यह फिल्मकारों के ऊपर है कि उन्हें किस स्क्रिप्ट के तहत कैसी फिल्म बनानी है. अगर उन्हें पुराने दृश्य दिखाने हैं, तो बहुत अच्छी लोकेशन इन स्टेशन पर मिल जाती है. पुराने के साथ ही अब मॉडर्न लुक भी हमारे स्टेशनों पर शूटिंग के लिए उपलब्ध है.
जबरिया जोड़ी में सिद्धार्थ मल्होत्रा और परिणीति चोपड़ा लखनऊ सिटी स्टेशन पर शूटिंग करने पहुंचे. पति पत्नी और वो फिल्म की शूटिंग के लिए कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडेय ने लखनऊ जंक्शन पर फिल्म की शूटिंग की. इसे कानपुर स्टेशन बनाकर दृश्य फिल्माया गया. फैमिली ऑफ ठाकुरगंज की शूटिंग ऐशबाग कोचिंग डिपो में हुई. मिशन मजनू, भैया जी, निकम्मा, कंट्रोल, कंजूस मक्खीचूस और सिंगल सलमा भी इस सूची में जुड़ गईं.
लखनऊ जंक्शन ने इसी साल अपनी स्थापना का 100 वां साल पूरा किया. वर्ष 1926 से 2026 में शादी पूरी करने पर पूर्वोत्तर रेलवे ने स्टेशन के कॉनकोर्स एरिया में एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई, जिस पर यहीं फिल्माए गए दृश्यों की क्लिप चलाई जा रही है. लखनऊ जंक्शन पर आने वाले यात्री डिवीजन के स्टेशनों पर किन-किन फिल्मों की शूटिंग हुई और कौन-कौन से दृश्य फिल्माए गए वह एलईडी स्क्रीन पर दिलचस्पी के साथ देखते हैं.
इन फिल्मों की अब तक हुई शूटिंग: लखनऊ मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों लखनऊ सिटी पर बरेली की बर्फी-2017, जबरिया जोड़ी-2019, छोटे नवाब-2020, 14 फेरे-2021, निकम्मा-2022, ब्रीथः इन्टू द शेडो सीजन-2-2022, इंस्पेक्टर अविनाश-2023, कंजूस मक्खीचूस-2023, द उमेश क्रानिकल्स-2024, कन्ट्रोल-2025 और सिंगल सलमा-2025 जैसी फिल्मों की शूटिंग हुई है. इसके अलावा लखनऊ जंक्शन, ऐशबाग और सिटी स्टेशन में कई फिल्मों और वेब सीरीज के दृश्य फिल्माए गए हैं.