कांवड़ यात्रा को लेकर हाईटेक सुरक्षा, मेरठ में ‘स्पेशल 30’ तैनात; सहारनपुर-बिजनौर में ड्रोन से नजर

मेरठ/बरेली/ सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में इस बार कांवड़ियों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. कहीं 3000 कैमरों से निगरानी की जा रही है तो कहीं शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा के इंतजाम हैं. हाईवे पर वॉलिंटियर्स की टोली कांवड़ियों की मदद के लिए तैनात हैं.

दिल्ली- देहरादून हाईवे पर ‘स्पेशल 30’ की टीम: कांवड़ियों की मदद के लिए मेरठ में दिल्ली देहरादून- हाईवे पर कांवड़ यात्रियों की सेवा में ‘स्पेशल 30’ नाम से युवा वॉलिंटियर्स की टीम तैनात कर दी गई है. ये खास टीम पुलिस और पब्लिक के बीच में रहकर वहां की व्यवस्था संभाल रही है. ये स्पेशल टीम पुलिस की आंख- नाक- कान का काम कर रही हैं.

वॉलिंटियर्स की ‘स्पेशल 30’ टीम बेहद ही खास टीम है, जो की न सिर्फ अधिकारियों के भी संपर्क में रहती है, बल्कि जिन-जिन पॉइंट पर उनकी मौजूदगी रहती है वहां की हर अपडेट भी लगातार देते रहते हैं. अगर किसी तरह की कहीं किसी को कोई समस्या आ जाती है,तो वहां ये एक सजग प्रहरी के तौर पर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हैं- विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी, मेरठ

बिजनौर में ड्रोन से निगरानी: बिजनौर में चांदपुर, नजीबाबाद इलाके में शिव भक्तों के जत्थे की आवाजाही होती है. ऐसे में बिजनौर पुलिस प्रशासन ने मंदिर के इर्द गिर्द नदी पुल के पास ड्रोन कैमरे से शिव भक्तों की निगरानी करने में जुटे हैं. गुलदार से कावड़ियों को बचाने के लिए लगातार वन विभाग की टीम जंगलों में कॉम्बिंग कर रही है और पिंजरों को लगाकर गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है. किसी भी शिव भक्त को कोई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी समय समय पर कांबिंग कर रहे हैं.

बरेली में चप्पे-चप्पे पर नजर: श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण ने इस बार श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में बीडीए ने कांवड़ मार्गों पर विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं. इस बार कांवड़ियों के स्वागत को यादगार बनाने के लिए पुष्प वर्षा की जाएगी और उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा विशेष सेल्फी प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं, जहां चारों धाम के मंदिरों की प्रतिकृतियां बनाई जा रही हैं. श्रद्धालु यहां अपनी कांवड़ यात्रा की यादगार तस्वीरें ले सकेंगे.

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. प्रवेश द्वारों पर फूलों की सजावट, फसाड लाइटिंग, स्पॉटलाइट, फोकस लाइट और हैलोजन लाइटें लगाई जा रही हैं, जिससे नाथ नगरी का प्रवेश द्वार आकर्षण का केंद्र बनेगा. शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, भंडारा, चाय, शुद्ध पेयजल, शीतल पेय, विश्राम की व्यवस्था के साथ मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके.- सौम्या पांडे, उपाध्यक्ष, बीडीए की उपाध्यक्ष

सहारनपुर में सिक्योरिटी टाइट: कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए अत्याधुनिक एकीकृत कंट्रोल रूम (इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम) शुरू कर दिया है. कंट्रोल रूम से फिलहाल 350 से अधिक नाइट विजन आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी. ये कैमरे कांवड़ मार्ग, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी. इसके अलावा थाना स्तर पर लगे करीब 650 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी. पूरे सहारनपुर परिक्षेत्र में कांवड़ यात्रा के लिए लगभग 3,000 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार किया गया है.

मुख्य कंट्रोल रूम के अलावा देवबंद, काली नदी और गंगोह में तीन सब-कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं. यह पूरी व्यवस्था स्मार्ट सिटी के आई-ट्रिपल-सी (I-CCC) सिस्टम से जुड़ी हुई है, जिससे किसी भी घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी.- अभिषेक सिंह, डीआईजी

कांवड़ यात्रियों से नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील प्रशासन की ओर से की गई है.यदि किसी श्रद्धालु को किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो या कोई व्यक्ति अपने परिजनों से बिछड़ जाए तो वह नजदीकी पुलिस चौकी, खोया-पाया केंद्र या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से तुरंत संपर्क करें. आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से इस वर्ष कांवड़ यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है.