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क्या टाइट कपड़ों से बढ़ सकती है एसिडिटी? जानें जींस और बेल्ट का पेट पर असर

Acidity and Tight Clothes: फिटेड जींस, फैशनेबल बेल्ट और स्टाइलिश ड्रेसेस आप पहनती हैं, लेकिन अगर आपको पेट से संबंधित कोई समस्या है तो हो सकता है कि यह स्टाइल आपके लिए परेशानी का कारण बन जाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब बहुत टाइट कपड़े पहने जाते हैं, तब पेट और कमर दोनों पर दबाव पड़ता है। इस दबाव के कारण एसिड फूड पाइप तक पहुंच सकता है और आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

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खाना खाने के बाद फूलता है पेट?

अगर खाना खाने के बाद आपका पेट फूलता है या टाइट बेल्ट लगाने के बाद पेट और कमर के आस-पास ज्यादा कसाव महसूस होता है, तो अपनी ड्रेसिंग पर गौर करें। खास तौर पर यह देखें कि किसी खास कपड़े को पहनने के बाद सीने में जलन, पेट में भारीपन या खट्टी डकार जैसी समस्या तो नहीं बढ़ जाती है?

टाइट कपड़ों से बढ़ सकती है असहजता

यह समझना भी जरूरी है कि केवल टाइट कपड़े पहनना एसिड रिफ्लक्स का एकमात्र कारण नहीं है। हालांकि अगर टाइट जींस, स्कर्ट या बेल्ट पहनने के बाद असहजता या सीने में जलन महसूस होती है तो ढीले और आरामदायक कपड़ों को प्राथमिकता दें। कॉटन और लिनन जैसे हल्के फैब्रिक भी आरामदायक विकल्प हो सकते हैं।

बॉडी शेपर और टमी टकर से भी रहें सावधान

इस समय अतिरिक्त चर्बी को छिपाने या शरीर को शेप देने के लिए बॉडी शेपर और टमी टकर्स का इस्तेमाल भी बढ़ा है। हालांकि इन्हें पहनने के बाद अगर पेट पर लगातार दबाव महसूस हो या एसिडिटी और सीने में जलन बढ़ने लगे, तो इनकी फिटिंग पर ध्यान दें। शरीर को शेप देने के लिए बहुत ज्यादा कसे हुए शेपवियर का इस्तेमाल करने से बचें।

सिर्फ कपड़े नहीं, इन आदतों पर भी दें ध्यान

टाइट कपड़ों के साथ ही एसिड रिफ्लक्स ट्रिगर के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- मसालेदार या बहुत खट्टा खाना, चाय-कॉफी का अधिक सेवन और जरूरत से ज्यादा खाना। इसके लिए आप खाना खाने के बाद थोड़ा टहलें और तुरंत न लेटें। साथ ही पेट और कमर पर ज्यादा दबाव डालने वाले कपड़ों से बचें।

विशेषज्ञ की राय : इन तरीकों से एसिडिटी को रखें कंट्रोल

डॉ. अनिल अरोड़ा (जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ) बताते हैं कि टाइट कपड़े एसिडिटी का कारण बनते हैं, क्योंकि इससे पेट पर दबाव बढ़ता है। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना सबसे बेहतर रहता है। वहीं, अगर आपको एसिडिटी की समस्या है तो इससे बचने के लिए संतुलित खान-पान और सही दिनचर्या जरूरी है। ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और भारी भोजन करने से परहेज करें। सोने से कम से कम तीन घंटे पहले भोजन करें