दीवाली रोशनी का त्योहार है. इस मौके पर अंधेरा दूर करने और चारों ओर रोशनी फैलाने के लिए दीये जलाए जाते हैं. इसके बाद, बच्चे और बड़े सभी पटाखे जलाते हैं. हालांकि, ऐसा करते समय अचानक किसी हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है. अगर कोई व्यक्ति पटाखों से घायल हो जाए, तो तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए? क्या जलने पर हल्दी लगाई जा सकती है? पटाखे जलाते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए? इन विषयों इस खबर में विस्तार से बताया गया है.
जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आती है, सबसे पहले पटाखों का खयाल आता है. उम्र या लिंग की परवाह किए बिना, लोग पटाखे फोड़कर और अपने घरों में दीये जलाकर इस त्योहार को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं. हालांकि, अगर पटाखे फोड़ते समय उचित सावधानी न बरती जाए, तो दुर्घटनाएं होना तय है. चेन्नई के किलपौक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ETV भारत के साथ शेयर किया है कि पटाखों से चोट लगने या जलने पर क्या कदम उठाने चाहिए.
डॉक्टर की सलाह इस प्रकार है…
घाव को 15 मिनट तक धोएं- चेन्नई के किलपॉक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में बर्न एंड ट्रांसप्लांट यूनिट के प्रमुख महादेवन् ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति पटाखों से जल जाता है, तो उसके घाव को 15 मिनट तक बहते हुए नल के पानी से धोना चाहिए. इसके बाद, घायल व्यक्ति को नजदीकी क्षेत्रीय, जिला या सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए. उन्होंने घाव पर हल्दी जैसी चीजें लगाने से मना किया है, क्योंकि ऐसा करने से डॉक्टरों के लिए चोट की गंभीरता का पता लगाना मुश्किल हो जाता है.
पटाखे फोड़ते समय सावधानी बरतनी चाहिए- किलपॉक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के बर्न्स एंड ट्रॉमेटोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर, आलिया हुसैन ने कहा कि बच्चों को बड़ों की देखरेख में ही पटाखे जलाने चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि पटाखे जलाते समय सूती कपड़े पहनना और चप्पल पहनना सबसे अच्छा रहता है. उन्होंने पटाखे जलाने के लिए एक लंबी छड़ी का इस्तेमाल करने की सलाह दी और कहा कि पटाखों को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां हवा का आना-जाना अच्छा हो. उन्होंने यह भी बताया कि रॉकेट जैसे पटाखों को जलाने से पहले सीधा खड़ा करके रखना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे फूटने के बाद बची हुई डंडियों या टुकड़ों को मिट्टी से भरी बाल्टी में डालकर पूरी तरह बुझा देना चाहिए.
इसके अलावा, आलिया हुसैन ने उन जगहों पर पटाखे न जलाने की सलाह दी जहां बच्चे, बुजुर्ग या बीमार लोग मौजूद हों. उन्होंने चेतावनी दी कि पटाखा फूटने के तुरंत बाद उसके पास जाकर यह न देखें कि आग पूरी तरह बुझी है या नहीं. उन्होंने जोर देकर कहा कि जो पटाखे नहीं फूटे हैं, उनके पास दूसरे पटाखे रखकर उन्हें जलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्होंने पटाखे जलाने से पहले उनके ऊपर खाली डिब्बे या बर्तन रखने से भी मना किया. उन्होंने सभी से अपील की कि दिवाली के त्योहार पर पटाखे जलाते समय इन सुरक्षा निर्देशों का पालन जरूर करें.
सबसे पास के अस्पताल जाएं- डॉ. आलिया हुसैन कहती हैं कि अगर इन सभी सावधानियों के बावजूद पटाखे जलाते समय कोई दुर्घटना हो जाती है, तो प्रभावित हिस्से को 15 मिनट तक बहते नल के पानी के नीचे रखें. इससे पटाखों की गर्मी शरीर के बाकी हिस्सों में नहीं फैलती. अगर पटाखों का कोई अवशेष आपकी आंखों में चला जाए, तो उन्हें 15 मिनट तक साफ पानी से अच्छी तरह धोएं. इसके बाद, तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं, जहां इमरजेंसी विभाग में जलने का तुरंत इलाज किया जाएगा. जली हुई जगह पर हल्दी पाउडर, कोई पेस्ट या स्याही जैसी कोई भी चीज न लगाएं. बस घाव को अच्छी तरह धो लें और अस्पताल जाएं. त्वचा पर कुछ भी न लगाएं या निशान न बनाएं. इससे डॉक्टरों को यह समझने में मदद मिलेगी कि चोट कितनी गहरी है और वे सही इलाज कर पाएंगे.
