धनतेरस और दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। त्योहारों सीजन से ठीक पहले यह कीमतों यह गिरावट ग्राहकों के लिए खरीदारी का अवसर तो है साथ ही सर्राफा बाजार के लिए यह राहत की बात है, क्योंकि त्योहारों से पहले कीमतें गिरने से बिक्री बढ़ने की उम्मीद ज्वेलर्स की बढ़ गई हैं। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) का कहना है, पिछले साल धनतेरस पर 36 टन सोना बिका था जिसकी तुलना में इस साल धनतेरस पर 46 से 52 टन सोना बिकने की उम्मीद है, वहीं चांदी की बिक्री केवल धनतेरस पर 250 टन के करीब होने की संभावना है।
सोने-चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट की गुंजाइश?
उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि सोने-चांदी की कीमतों गिरावट आने की गुंजाइश बनी हुई है, फिलहाल त्योहारों तक सोने में 3 प्रतिशत और चांदी में 7-8 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। वे कहते हैं, पिछले साल की तुलना में इस साल दिवाली और धनतेरस पर अच्छी बिक्री होगी। क्योंकि कीमतों में आई गिरावट का फायदा ग्राहक अभी से उठा रहे हैं, जिसमें शादी ब्याह के लिए भी खरीदारी शुरू हो गई है।
बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत तक उछाल आने की क्यों संभावना?
मुंबई के बेलवेकर ज्वैलर्स के राकेश बेलवेकर कहते हैं, सोने-चांदी के भाव में गिरावट आने से बिक्री की उम्मीद बढ़ गई है। पिछले साल दिवाली और धनतेरस पर 30 प्रतिशत तक बिक्री हुई थी, इस साल बिक्री में 20 से 25 प्रतिशत तक उछाल आने की संभावना है। उन्होंने कहा, यदि सोने 1.25,000 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 1.50,000 रुपये प्रति किलो पर स्थिर हो जाती है, तो त्योहारों पर बहुत अच्छी ग्राहकी होगी। लेकिन इसके बावजूद ग्राहक सोच-समझकर ही खरीदारी करेंगे। क्योंकि ब्याज दरों में वृद्धि और लगातार बढ़ती महंगाई लोगों को हाथ रोक कर खर्च करने के लिए प्रेरित कर सकती है। लेकिन जिनके पास निवेश करने और खरीदारी करने के लिए पैसे हैं, वे इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएंगे।
चांदी ने खोया भरोसा, क्या सोने के सिक्कों की बढ़ेगी मांग?
बेलवेकर कहते हैं, इस साल धनतेरस पर चांदी के सिक्कों के बजाए ग्राहक सोने के सिक्कों की ओर रुख करेंगे, क्योंकि चांदी ने लोगों का भरोसा खोया है। चांदी अपने उच्चतम स्तर 4 लाख से गिरकर सीधे सवा लाख पर आ गई थी। वहीं दूसरी ओर औद्योगिक क्षेत्र में मांग होने की वजह से इसके रिटर्न भी अधिक नहीं है। इसलिए ग्राहक अब सोने की सिक्कों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका कहना है, हमें उम्मीद हैं कि इस साल धनतेरस पर 60 प्रतिशत तक सिक्कों की मांग रहेगी, जबकि सोने के आभूषणों की मांग 40 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। उमेदमल तिलोकचंद ज्वैलरी के कुमार जैन कहते हैं, इस साल चांदी के सिक्कों की मांग कम हो सकती है, क्योंकि चांदी में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। सोने के सिक्कों की बुकिंग ऑर्डर फिलहाल हमारे पास अधिक आ रहे हैं।
क्या छोटी और सोच-समझकर की गई खरीदारी को प्राथमिकता देंगे लोग?
एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के सीईओ दर्शन देसाई कहते हैं, हाल के सत्रों में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। बाजार की नजरें अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर और महंगाई पर टिकी हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का आने वाला फैसला यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि निकट भविष्य में सोने की चाल किस दिशा में होगी। भारत में, कीमतों में आई इस गिरावट से धनतेरस और दिवाली से पहले खरीदारी को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन ऊंची कीमतें ग्राहकों को सतर्क भी रख सकती हैं। खरीदार शायद छोटी और सोच-समझकर की गई खरीदारी को प्राथमिकता दें सकते हैं। वहीं, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों और त्योहारी मांग के कारण सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
एमसीएक्स पर मंगलवार को दर्ज किए गए सोने और चांदी के क्या भाव?
मंगलवार की सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई। सुबह 10 बजे के करीब एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 1,386 रुपये टूटकर 1,38,875 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
पिछले साल की दिवाली से अब तक सोने और चांदी की कितनी कीमतें?
कोटक नियो के करेंसी और कमोडिटी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्या बनर्जी बताते हैं, पिछले साल की दिवाली से अभी तक देखे तों सोने की कीमतों 11 से 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एमसीएक्स के आंकड़ों को देखें तो पिछले साल दिवाली पर सोने की कीमत 1.27-1.28 लाख रुपये प्रति दस ग्राम, इस साल अभी तक 1.37-1.38 रुपये प्रति दस ग्राम पर है। पिछले साल दिवाली से दिवाली के बीच चांदी की कीमतों में 24 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। पिछले साल दिवाली में चांदी 1.58 रुपये प्रतिकिलो पर थी, जो मौजूदा समय में 1.80 लाख रुपये पर कारोबार रही है।
