गोरखपुर नगर निगम को मिली पहली महिला उप सभापति, पूनम सिंह ने रचा इतिहास

गोरखपुर: गोरखपुर नगर निगम को नया उपसभापति मिल गया है. पूनम सिंह इस पद पर निर्विरोध चुनी गई हैं. इसके पहले भी राप्ती नगर वार्ड से निर्विरोध पार्षद निर्वाचित होने और उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष बजट प्राप्त करने की उपलब्धि हासिल की थी. अब उपसभापति के रूप में उनका निर्वाचन भी उनकी बड़ी कामयाबी है. नगर निगम के इतिहास में पहली महिला सभापति चुनी गई हैं.

इसके पहले उनके पति बृजेश सिंह छोटू भी उपसभापति और चार बार के नगर निगम के पार्षद रहे हैं. पूनम की जीत में उनके पति की विशेष भूमिका मानी जा रही है, जिनका तालमेल न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के साथ बल्कि विरोधी दल में समाजवादी पार्टी और अन्य से भी बहुत बेहतर माना जाता है. हालांकि संगठन में अंदरखाने इस बार किसी दलित को इस पद तक ले जाने की चर्चाएं थीं. पूनम के खिलाफ कोई प्रत्याशी विरोधी दल का खड़ा नहीं दे पाया और नगर निगम कार्यकारिणी ने उन्हें अपना उपसभापति चुन लिया. इसके पहले दो बार महापौर के पद पर महिला का निर्वाचन हो चुका है.

पूनम के उपसभापति निर्वाचित होने से नगर निगम सभागार में मौजूद भाजपा के पार्षदों में खुशी की लहर दौड़ गई. इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष रमेश प्रसाद गुप्ता और महापौर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे. जिन्होंने निर्वाचित उपसभापति को पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी और उत्तम कार्यकाल की शुभकामना भी दी. पार्षदों ने पूनम सिंह को उपसभापति कक्ष में भी ले जाकर उन्हें उनके सीट पर विराजमान कराया.

पूनम ने निवर्तमान उप सभापति पवन त्रिपाठी का स्थान लिया है. इस दौरान पूनम सिंह ने कहा कि नगर निगम की कार्यकारिणी और पार्षदों ने जो उन पर भरोसा जताया है, उस पर वह खरा उतरने का प्रयास करेंगी. जिस प्रकार वह अपने निर्विरोध पार्षद निर्वाचित होने के कार्यकाल को बखूबी अंजाम दे रही हैं और विकास योजनाएं उनके वार्ड में गति पकड़ रही हैं, वैसे ही नगर में विकास योजनाओं की निगरानी और तेजी लाने का उनका प्रयास होगा. अपनी इस सफलता में पति की महत्वपूर्ण भूमिका के सवाल पर वह मुस्कुरा पड़ीं. उन्होंने कहा कि बिना उनके नेतृत्व, सीएम योगी के आशीर्वाद और प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन के यह कहां संभव था. सबके सहयोग से मिली यह जीत पार्टी की समर्पित है. यह जीत बीजेपी की है वह तो एक चेहरा थीं.