खिड़की के पास लगे पौधे से ताजा हरा धनिया तोड़कर सीधे अपनी दाल में डालने से एक अलग ही खुशी मिलती है. इससे आपको आखिरी समय में सब्जी वाले के पास भागने की जरूरत नहीं पड़ती और प्लास्टिक में पैक, बासी या मुरझाई हुई धनिया की जगह आपको बिल्कुल फ्रेश धनिया मिलता है. बाजार की सब्जियों पर रसायनों और कीटनाशकों का जो छिड़काव किया जाता है, आप उसके नुकसान से बच जाते हैं क्योंकि घर पर आप शुद्ध और ऑर्गेनिक चीज उगाते हैं.
घर पर हर्ब्स उगाने के लिए आपको बहुत बड़ी छत या बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. धूप वाली खिड़की, बालकनी या किचन का अच्छी रोशनी वाला कोना ही काफी है. इस खबर में, किचन में इस्तेमाल होने वाली ऐसी आठ हर्ब्स के बारे में जानें जिन्हें आप बिना बगीचे के भी आसानी से घर पर उगा सकते हैं.
अगर आपके पास पौधों के लिए आम गमले नहीं हैं, तो भी कोई बात नहीं. आप पुराने डिब्बे, टायर, दूध के कार्टन और प्लास्टिक के जार जैसी चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं. बस यह पक्का करें कि आप जो भी बर्तन चुनें, उसमें पानी निकलने की सही जगह हो और पौधों को पर्याप्त धूप और पानी मिले. बहुत छोटे बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि कम जगह में हर्ब्स को बढ़ने में मुश्किल हो सकती है.
यहा उन हर्ब्स की लिस्ट दी गई है जिन्हें आप घर पर आसानी से उगा सकते हैं….
तुलसी – इसे ‘होली बेसिल’ भी कहा जाता है और यह आम तौर पर भारतीय घरों के बगीचों में पाई जाती है. अगर आप बीज से तुलसी उगा रहे हैं, तो गमले को गर्म जगह पर रखें ताकि बीज अंकुरित हो सकें. मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन उसमें पानी जमा न होने दें. आप तुलसी को बीज या तने की कटिंग (stem cuttings), दोनों तरीकों से उगा सकते हैं.
पुदीना – पुदीने को कटिंग या बाजार से लाए गए पुदीने के बचे हुए तनों से आसानी से उगाया जा सकता है. कटिंग को पानी से भरे गिलास या जार में रखें और जड़ें निकलने दें. जड़ें निकलने के बाद, तनों को मिट्टी में लगा दें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप आती हो. फूल आने से पहले पुदीने की कटाई कर लें, कटाई का समय बढ़ाने के लिए, फूल की कलियों को तोड़ते रहें.
रोजमेरी – रोजमेरी उगाने का सबसे अच्छा तरीका है कि पहले से लगे हुए पौधे से कटिंग ली जाए. रोजमेरी धूप वाली जगहों पर अच्छी तरह बढ़ती है. पौधों में पानी तभी दें जब मिट्टी सूखी लगे. पौधे को घना बनाने के लिए उसके ऊपरी हिस्से की छंटाई करें. इसे स्टिर-फ्राई, बेक की हुई चीजों, भुने हुए आलू और चिकन डिश में खुलकर इस्तेमाल करें. आप इसे तने की कटिंग से उगा सकते हैं.
कढ़ी पत्ता – भारतीय खाने में कढ़ी पत्ते का बहुत इस्तेमाल होता है. गमले में कढ़ी पत्ते का स्वस्थ पौधा उगाने के लिए, इसे धूप वाली जगह पर रखें और पक्का करें कि मिट्टी में पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था हो. दाल और करी में स्वाद और खुशबू लाने के अलावा, कढ़ी पत्ता डायबिटीज को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल का लेवल सही रखने में मदद करता है. इन्हें बीजों या तने की कटिंग से उगाया जा सकता है.
मेथी – मेथी को दुकान से खरीदे गए बीजों से आसानी से उगाया जा सकता है और माइक्रोग्रीन्स के तौर पर काटा जा सकता है. मिट्टी और खाद के मिश्रण से भरा एक चौड़ा और कम गहरा गमला चुनें. गमले को धूप वाली जगह पर रखें लेकिन बहुत ज्यादा सीधी धूप से बचाएं, और मिट्टी में नमी बनाए रखें.
लहसुन की पत्तियां – खुशबूदार लहसुन की पत्तियों का इस्तेमाल तड़के, सलाद और चटनी में किया जाता है. मिट्टी और खाद से भरे चौड़े और गहरे गमले में लहसुन की 5-6 कलियां लगाएं. गमले को धूप वाली जगह पर रखें और हल्का पानी दें. 7-10 दिनों में लहसुन की पत्तियां निकल आएंगी. बस उन्हें तोड़ें और इस्तेमाल करें.
हरे प्याज की पत्तियां – आप घर पर साल भर आसानी से हरे प्याज उगा सकते हैं. इसके लिए बस आपको अपनी रसोई से कुछ साबुत प्याज चाहिए. प्याज को मिट्टी में लगाएं और मिट्टी को नम रखने के लिए नियमित रूप से पानी दें. कुछ ही दिनों में हरी कोंपलें निकल आएंगी, जिन्हें तोड़कर आमलेट और डिप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
लहसुन की पत्तियां – खुशबूदार लहसुन की पत्तियों का इस्तेमाल तड़के, सलाद और चटनी में किया जाता है. मिट्टी और खाद से भरे चौड़े और गहरे गमले में लहसुन की 5-6 कलियां लगाएं. गमले को धूप वाली जगह पर रखें और हल्का पानी दें. 7-10 दिनों में लहसुन की पत्तियां निकल आएंगी. बस उन्हें तोड़ें और इस्तेमाल करें.

