लखनऊ : बजट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में बोलते हुए कहा कि अब तक 92 सदस्य राज्यपाल के अभिभाषण पर बोल चुके हैं. सभी का मैं धन्यवाद करता हूं. पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों का धन्यवाद देता हूं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माता प्रसाद पांडेय पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप दोनों में जाने क्या दुश्मनी चल रही है. लग रहा है कि डॉ संजय निषाद ने आपके पोखरे का भी ठेका कर दिया है.
मुख्यमंत्री ने माता प्रसाद पांडेय से कहा कि आप भी अपनी बुढ़िया को गहनों में लादकर ले जाइए. कोई दिक्कत नहीं आएगी. पूरी सुरक्षा मिलेगी. तीन महिला पीएसी बटालियन बना रहे हैं.
मणिकर्णिका घाट के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है. अहिल्या बाई होलकर की बात करने का अधिकार समाजवादी पार्टी को नहीं है. गाजी के मेले का समर्थन करते हैं. हम महाराज सोहेल देव के नाम पर स्मारक और विश्विद्यालय बनाएंगे. माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं. वंदे मातरम नहीं गायेंगे. वंदे मातरम का जो विरोध करे उसको हिन्दुस्तान की धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जैसे सपा विधायकों ने व्यवहार किया. उससे लगा कि सपा के राज में बेटियां क्यों डरती थीं और व्यापारी दुकान बंद क्यों करते थे. आपके व्यवहार से ग़ालिब का शेर याद आया कि उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरा पर थी आइना साफ करता रहा.
छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है. इसका अर्थ यह नहीं है कि उनको योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाए. उनको राशन और स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं का लाभ दिया जाता रहेगा, पेंशन, राशन, आवास, शौचालय, आयुष्यमान, पेंशन सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा
यूपी में महिला पुलिस कार्मिकों की संख्या नौ साल में 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार की गई है।60 हजार पुलिस कर्मी नौकरी दी गई। हर जिले के युवाओं को नौकरी मिलाई। हम तीन हजार की ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी। अब हम 60 हजार को ट्रेनिंग दे रहे हैं। फॉरेंसिक साइंस के सिस्टम को यूपी में लागू किया है.
वहीं, विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने अनुसूचित जाति चमार को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि एक निषाद बालक ने जब उनसे आरक्षण की बात की तो मैने उससे कहा, क्या तुम चमार बनोगे. इतना सुनते ही निषाद पार्टी से मंत्री डॉ संजय निषाद ने हंगामा खड़ा कर दिया. तो मैने कहा इसा लिए आरक्षण की जरुरत है.
बजट सत्र के पांचवें दिन विधानसभा अध्यक्ष कुछ देर के लिए नाराज हो गए. उनकी नाराजगी विपक्ष नहीं बीजेपी विधायक केतकी सिंह के लिए रही. सदन शुरू होते की केतकी सिंह ने टीका टिप्पणी कर दी. इस पर उन्होंने कई बार केतकी सिंह को चुप रहने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं मानी. इस पर विधानसभा अध्यक्ष भड़क गए और हेडफोन निकाल कर 10 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया. हालांकि बाद में सतीश महाना मुस्कराते हुए सदन में वापस आ गए.
यूपी विधानमंडल में बजट सत्र का आज 5वां दिन है. विधानसभा में सदन शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही टोका-टोकी करने से अध्यक्ष सतीश महाना भाजपा विधायक केतकी सिंह पर भड़क गए. उन्होंने कहा-आप बैठिए. सदन चलाना मेरा काम है. इस दौरान गुस्से में उन्होंने हेडफोन निकाल दिया. 10 मिनट के लिए सदन स्थगित करके कुर्सी से उठकर चले गए.
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष कुछ ही देर में मुस्कराते हुए वापस आए और आसन संभाला. इस दौरान उन्हें मनाने के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दो शेर पढ़े. कांग्रेस विधायक आराधन मिश्रा ने कहा- आप मुस्कुराते अच्छे लगते हैं. सपा विधायक अतुल प्रधान ने उनसे मुस्कुराने का आग्रह किया. तब विधानसभा अध्यक्ष बोले मैं मुस्करा ही रहा हूं. इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे चली.
गंगा एक्सप्रेस वे पर सदन में उठा बड़ा सवाल, महिलाओं को तेज रफ्तार वाहन ने कैसे रौंदा
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा मोना और ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए. आराधना मिश्रा ने कहा कि जब गंगा एक्सप्रेस वे पर अभी तक यातायात शुरू नहीं हुआ तो रायबरेली में एक तेज रफ्तार वाहन ने किस तरह से 9 महिलाओं को रौंद दिया. जिस वाहन ने महिलाओं को टक्कर मारी, उसका पांच बार पहले चालान हो चुका था तो यह सड़क पर कैसे दौड़ रहा था.
कार्य स्थगन प्रस्ताव में सड़क सुरक्षा को लेकर आराधना मिश्रा मोना ने यह बातें रखी. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में न केवल एक व्यक्ति की मौत होती है, बल्कि उसका पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है. विधायक ऊंचाहार मनोज पांडेय ने भी गंगा एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बताया कि महिलाएं और युवतियां भंडारे से लौट रही थीं. अस्पताल में भर्ती महिलाओं के इलाज पर ढाई-ढाई लाख रुपये का खर्चा आ रहा है. यह सड़क अभी अनिर्मित थी. सड़क हैंडोवर नहीं थी. ऐसे में ठेकेदार ने सड़क पर प्राइवेट वाहन कैसे चलने दिया.
कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने नियम 56 के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं और सड़क सुरक्षा का मुद्दा विधानसभा में उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ से अधिक आबादी वाला राज्य है. यहां पर लाखों लोग प्रतिदिन सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं, लेकिन दुख की बात यह है कि आज हमारा प्रदेश सड़क दुर्घटनाओं में भी नंबर वन बनने की तरफ अग्रणी हो चुका है.
जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सरकारी इस मामले में बहुत गंभीर है. इस संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है. जिसमें पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य सड़क सभी विभागों को शामिल करके समीक्षा की जाती है. हम प्रयास कर रहे हैं कि सड़क दुर्घटनाएं कम हो.
उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुछ महत्वपूर्ण बातें
16 साल से कम उम्र के बच्चों का ड्राइविंग लाइसेंस : परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि फिलहाल 16 साल या उससे कम उम्र के बच्चों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनते, क्योंकि अब गाड़ियां 50 सीसी से ज्यादा की हो गई हैं. उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि अगर मंजूरी मिलती है तो 16 साल के बच्चों के लाइसेंस बन सकेंगे.
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का भविष्य : श्रम मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करने की कोई योजना नहीं है. हालांकि, उनके लिए एक कॉरपोरेशन बनाया गया है, ताकि उनकी दिक्कतें कम की जा सकें.
वेतन और महंगाई दर : अनिल राजभर ने कहा कि कर्मचारियों और श्रमिकों का वेतन महंगाई दर से जुड़ा है और वे इसका शासनादेश उपलब्ध करा देंगे.
परिवहन विभाग में रिक्तियां : सपा विधायक पल्लवी पटेल ने बताया कि विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं. मंत्री दयाशंकर सिंह ने आश्वासन दिया कि इन पदों को जल्द ही भरा जाएगा.
जलशक्ति मंत्री का जन्मदिन : स्वतंत्र देव सिंह के जन्मदिन पर सदन में बधाई दी गई. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका ‘कांग्रेस सिंह’ नाम कांग्रेस के साथ ही समाप्त हो गया है.