प्रभारी मंत्री का विपक्ष पर हमला, बोले- छात्रों के नाम पर हुई राजनीति, PM ने बनाया सख्त कानून

सुल्तानपुर: जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश यादव ने विपक्ष बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के नाम पर हुई राजनीति की गई. सरकार ने 27 दिन में NEET परीक्षा दोबारा कराकर रिजल्ट घोषित कर दिया था. यह बातें उन्होंने सुल्तानपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं.

उत्तर प्रदेश सरकार के खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री और सुल्तानपुर के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया था. पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड समय में दोबारा परीक्षा कराई और योग्य छात्रों के हितों की रक्षा की.

मंत्री गिरीश यादव ने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक के बाद उसी परीक्षा का परिणाम घोषित कर देती, तो मेहनत और प्रतिभा के बल पर परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के साथ अन्याय होता. उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और मात्र 27 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा कराकर परिणाम घोषित किया. इसके बाद छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया भी पूरी हो गई और उन्होंने विभिन्न संस्थानों में दाखिला ले लिया.

मंत्री ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि आंदोलन में शामिल लोग वास्तव में NEET परीक्षा के अभ्यर्थी थे या नहीं. उनके अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं. प्रदर्शन करने वाले अराजकतत्वों की पहचान की जा रही है. हम बांग्लादेश नही बनने देंगे.

प्रभारी मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल कर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत संविधान में विश्वास रखने वाला लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

गिरीश यादव ने कहा कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे बड़ी साजिश और षड्यंत्र था. उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम में शामिल कई लोगों की मंशा अब जनता के सामने उजागर हो चुकी है.

उन्होंने संसद के मानसून सत्र की बात पर कहा कि केंद्र सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी. सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी भी विषय पर बहस से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन विपक्ष ने सकारात्मक सहयोग नहीं किया.

पेपर लीक पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए सख्त कानून का बचाव करते हुए मंत्री ने कहा कि पहले भी कई सरकारों के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन किसी ने कठोर कानूनी व्यवस्था बनाने की पहल नहीं की.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त कानून बनाया है, ताकि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो सके.