यूपी में 50 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी

लखनऊ/मिर्जापुर/प्रयागराज/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में पिछले 2-3 दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है. पिछले 24 घंटे में राजधानी लखनऊ समेत लखीमपुर खीरी, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सोनभद्र, हमीरपुर, बांदा, झांसी, चित्रकूट जिलों में मूसलाधार बारिश हुई. जिससे सड़कों पर जल भराव हो गया. वहीं झमाझम बारिश से पिछले दिनों पड़ रही भीषण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है. मिर्जापुर में लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव.

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का क्षेत्रफल, चक्रवर्ती परिसंचरण और मानसूनी द्रोणी के चलते मौसम परिवर्तन हुआ है. जिससे दक्षिणी पश्चिमी मानसून उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में सक्रिय है, जिसकी वजह से झमाझम बारिश जारी है.

इन जिलों में रेन अलर्ट: सोमवार को उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर, अयोध्या, बदायूं, बहराइच, बाराबंकी, बरेली, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, संभल, संत रविदास नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, वाराणसी और आस-पास के क्षेत्रों में भारी से ज्यादा भारी बारिश होने का औरेंज रेंज अलर्ट जारी किया गया है.

यहां हो सकती मूसलाधार बारिश: अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, कन्नौज, कौशांबी, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, उन्नाव और आस-पास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है.

50 से अधिक जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट: अम्बेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, हरदोई, जौनपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, महाराजगंज, महोबा, मऊ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, संत रविदास नगर, शाहजहांपुर, शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव और आस-पास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है.

22% कम हुई बारिश: उत्तर प्रदेश में 1 जून से 16 अगस्त तक अनुमानित बारिश 489 मिनी के सापेक्ष 380 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई जो कि सामान्य से 22% कम है.

पिछले 24 घंटे में 57% अधिक हुई बारिश: पिछले 24 घंटे में अनुमानित बारिश 8.8 मिलीमीटर के हिसाब से 13.8 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई जो कि सामान्य से 57% अधिक है.

ऐसा रहेगा लखनऊ का वेदर: मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को लखनऊ में भारी बारिश और गरज चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है. अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

बस्ती सबसे गर्म जिला: रविवार को उत्तर प्रदेश का बस्ती सबसे अधिक गर्म जिला रहा. यहां पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान हरदोई जिले में 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस कम है.

मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह ने बताया कि प्रादेशिक मानसूनी सक्रियता के फलस्वरूप आगामी 48 घंटों तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 19 अगस्त तक प्रदेश में कहीं-कहीं तेज वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है.

बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर: मिर्जापुर में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. हलिया क्षेत्र के अदवा बांध के 6 गेट खोल दिए गए. बांध का पानी हथेड़ा पुल पर बह रहा है जिससे आवागमन बाधित हो गया है. यही नहीं कई घरों में पानी घुस गया है सड़क जलमग्न हो गई है.

प्रयागराज में मूसलाधार बारिश: जिले में बीते 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए हैं. रेलवे अंडरपास में पानी भरने से यातायात ठप पड़ गया. करेली क्षेत्र में स्थिति गंभीर होने पर मकानों में पानी घुस गया. एनडीआरएफ की टीमों ने बोट के जरिए फंसे लोगों का रेस्क्यू किया. मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद रेल और नागरिक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.

काशी में बढ़ा गंगा का जलस्तर: पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर लगभग 2 मीटर से ज्यादा बड़ा है और अभी बढ़ोतरी 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जारी है. हालांकि रफ्तार थोड़ी धीमी होती दिखाई दे रही है, लेकिन अभी भी गंगा का जल स्तर काशी के गंगा घाटों को अपने आगोश में लेता हुआ, मंदिरों को डूबाने के बाद घाटों की सीढ़ियां चढ़ते हुए सड़क की तरफ आने के लिए आतुर दिखाई दे रहा है.