योगी सरकार में बदली यूपी पर्यटन की तस्वीर, 165 करोड़ पर्यटकों के आगमन का दावा

कानपुर: पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने बड़ी लंबी छलांग लगाई है. ये दावा किया है पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने. कानपुर के मंडलायुक्त कार्यालय में कानपुर मंडल के अंदर विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं की जहां समीक्षा के दौरान उन्होंने पर्यटन से जुड़ी अहम जानकारी साझा की.

महा-रिकॉर्ड के आंकड़े: मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, साल 2017 में 23 करोड़ पर्यटक यूपी घूमने आए थे. इससे पहले के सालों में यह आंकड़ा और भी कम था. जबकि 2017 के बाद से लेकर दिसंबर 2025 तक श्रद्धालुओं की संख्या 165 करोड़ के पार हो गई.

हम बस यही कहेंगे कि योगी सरकार में यूपी का पर्यटन और संस्कृति विभाग लंबी छलांग लगा रहा है. उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी तक पहुंचाने के लिए पर्यटन और संस्कृति विभाग पूरी तरह से तैयार है.- जयवीर सिंह, पर्यटन मंत्री, यूपी

कांवड़ यात्रा की तैयारी पूरी: सोमवार को कानपुर आए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कांवड़ यात्रा की तैयारी को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर कांवड़ियों के लिए सरकार ने सारे खास प्रबंध कराए हैं. कांवड़ियों को किसी तरह की समस्या नहीं होने देने का दावा उन्होंने किया. मंत्री ने कहा कि, प्रकाश, सुरक्षा समेत सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं.

कानपुर में पर्यटन का रोडमैप तैयार: समीक्षा बैठक के दौरान पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, कानपुर मंडल में करीब 31.80 करोड़ की 25 पर्यटन विकास परियोजनाओं का रोडमैप तैयार है. उन्होंने कहा, ये परियोजनाएं मंडल के छह जिलों के लिए प्रस्तावित हैं. इनमें कानपुर नगर में सात, इटावा में पांच, कानपुर देहात में पांच, कन्नौज में तीन, फर्रुखाबाद में तीन और औरैया में दो परियोजनाएं शामिल हैं.

पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ- साथ प्रत्येक स्थल की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी सुरक्षित रखना है.- जयवीर सिंह, पर्यटन मंत्री, यूपी

धार्मिक और विरासत स्थलों को मिलेगा नया रूप: पर्यटन विभाग के प्रस्तावों में मंडल के विभिन्न धार्मिक एवं विरासत स्थलों के विकास को शामिल किया गया है. इटावा में गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, मां सती मंदिर और बलवंतेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास के प्रस्ताव हैं. औरैया में राम जानकी मंदिर के विकास तथा दिबियापुर में जिला पर्यटन कार्यालय की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है. कन्नौज में छिबरामऊ स्थित प्राचीन शंकर मंदिर, तिर्वा स्थित सिद्धपीठ प्राचीन डोलेश्वरनाथ शिव मंदिर तथा कन्नौज स्थित मां शीतला देवी मंदिर के विकास की योजना है. वहीं कानपुर देहात में रसूलाबाद स्थित श्री हनुमान धाम मंदिर, अकबरपुर-रनियां स्थित मां परहुल देवी मंदिर और सिकंदरा स्थित शिव बागेश्वर मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए.

कानपुर नगर में सबसे अधिक परियोजनाएं: कानपुर नगर में सात परियोजनाएं प्रस्तावित हैं. इनमें बिठूर स्थित ज्वाला देवी मंदिर, बिल्हौर स्थित शंखुला देवी मंदिर, कल्याणपुर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर और घाटमपुर स्थित मां फूलमती मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास शामिल है.

प्राकृतिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा: प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सतत पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ईको टूरिज्म बोर्ड की फर्रुखाबाद के दफरपुर वेटलैंड के निकट लगभग चार करोड़ रुपये की लागत वाली ईको-टूरिज्म परियोजना की भी समीक्षा की गई. इस परियोजना में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, वॉच टावर, योगा पवेलियन, गजेबो और अन्य पर्यटक सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा.