लखनऊ: वीरवर लक्ष्मण के नाम पर सौमित्र विहार योजना 15 अगस्त को लॉन्च होगी. आवास विकास परिषद की योजना गोसाईगंज की नई जेल रोड भूखंड आवंटित किए जाएंगे. 15 अगस्त के पावन पर्व के मौके पर इसकी लॉंन्चिंग होगी. इस योजना के जरिए लगभग एक लाख लोगों को आवास मिलने का अनुमान है.
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद अगस्त 2026 में न्यू जेल रोड के पास बहुप्रतीक्षित “सौमित्र विहार” आवासीय योजना लॉन्च करने जा रही है. परिषद ने इसके लिए यूपी रेरा में पंजीकरण का प्रस्ताव भेज दिया है और इसी माह मंजूरी मिल चुकी है. भूखंडों का पंजीकरण शुरू होने की उम्मीद है.
परिषद के अपर आवास आयुक्त नीरज शुक्ल अनुसार, योजना को कुल 560 एकड़ में दो चरणों में विकसित किया जाएगा. पहले चरण में करीब 200 एकड़ में लगभग 2200 आवासीय और व्यावसायिक भूखंड तैयार किए जा रहे हैं. इनमें कुल 2092 आवासीय और 169 व्यावसायिक प्लॉट शामिल होंगे. प्लॉट का आकार 40 वर्ग मीटर से लेकर 300 वर्ग मीटर तक रखा गया है. योजना में 15 सेक्टर बनाए जाएंगे, जिनमें पहले चरण में 2 सेक्टरों का विकास होगा.
प्लॉटों की दर लगभग 2500 रुपये प्रति वर्गफुट के आसपास रहने का अनुमान है. कुछ रिपोर्टों में 2200 से 2700 रुपये प्रति वर्गफुट का जिक्र भी है. सड़कों को वृंदावन योजना की तर्ज पर 9, 12, 18 और 24 मीटर चौड़ा रखा जाएगा. योजना मोहारी कला, सिठौली कला और सिठौली खुर्द गांवों की जमीन पर विकसित हो रही है.
सौमित्र विहार प्रदेश की पहली लैंड पूलिंग स्कीम है. इसमें अधिग्रहण की बजाय किसानों से सहमति से जमीन ली गई है. बदले में किसानों को 25% विकसित भूखंड दिए जा रहे हैं.पहले चरण में करीब 1200 किसानों को प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं. जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही योजना का रास्ता साफ हुआ है.
रेरा की मंजूरी के बाद पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्लॉटों का रजिस्ट्रेशन नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू हो सकता है. आवास विकास बोर्ड से योजना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है.
आवास विकास परिषद का मानना है कि इस योजना से लगभग एक लाख लोगों को आवासीय सुविधा का लाभ मिलेगा. इच्छुक आवेदक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और रेरा पोर्टल पर पंजीकरण की तारीख और नियमों पर नजर बनाए रख सकते हैं.