लखनऊ: 6800 पदों पर शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 628 वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी के आवास पर पहुंच गए। इस दौरान प्रदर्शंकारी अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों की अनदेखी कर आरोप लगा रहे है। पिछले 22 महीने से ज्यादा समय से वह प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर उन लोगों ने तैनाती की मांग को लेकर नारे लगाए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की भी मौजूदगी रही। बाद में पुलिस ने अभ्यर्थियों को ईको गार्डन भेज दिया।
इससे पहले शुक्रवार को इन लोगों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया था। उससे पहले बेसिक शिक्षा मंत्री के सरकारी आवास का घेराव यह लोग कर चुके हैं। पिछले 628 दिन में करीब यह लोग 60 बार से ज्यादा बीजेपी प्रदेश कार्यालय और उनके नेताओं के आवास पर प्रदर्शन कर चुके हैं। इसमें लाठी चार्ज का सामना भी इनको करना पड़ा था।
कोर्ट में की लचर पैरवी से नही मिली तैनाती
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि 69000 शिक्षक भर्ती के मामले में OBC आरक्षण के नियमों की अनदेखी की गई। आयोग के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने माना था कि इसमें चूक हुई है। बाद में इस वर्ग के 6800 अभ्यर्थियों की अलग से लिस्ट जारी करके सरकार ने भर्ती करने की बात कही।इस बीच पूरा मामला कोर्ट पहुंचा, सोमवार को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के सिंगल जज की बेंच ने निर्णय देते हुए 6800 अभ्यर्थियों की लिस्ट खारिज कर दी। OBC वर्ग के इन अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार और अफसरों की तरफ से कोर्ट में लचर पैरवी की गई थी। जिसका नतीजा रहा कि निर्णय हमारे खिलाफ रहा। अब सरकार ढुलमूल रवैया अपना रही है।