गोरखपुर: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्विद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टण्डन के दिशा-निर्देश में मनोविज्ञान विभाग में स्नातक एवं परास्नातक छात्रों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस संवादात्मक सत्र की मुख्य वक्ता के रूप में सूरत के ऑरो विश्वविद्यालय में उदार कला और मानव विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. रिचा चौधरी उपस्थिति रहीं। डॉ. रिचा गोरखपुर विवि की पूर्व छात्रा भी रही हैं।
इस कार्यक्रम के शुरुआत में विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार द्वारा मुख्य वक्ता का स्वागत किया गया। मंच संचालन करते हुए कार्यशाला की समन्वयक डॉ. गरिमा सिंह द्वारा मुख्य वक्ता का परिचय दिया गया। इसके बाद डॉ. रिचा चौधरी ने एन.ई.टी (NET), जी.ए.टी.ई. (GATE) एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति छात्रों को उन्मुख किया। इसके साथ ही मनोविज्ञान से संबंधित कैरियर की संभावनाओं को भी साझा किया।
डॉ. रिचा ने स्टूडेंट्स के साथ साझा किए अपने अनुभव
सहायक आचार्य डॉ. रिचा चौधरी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए शोध पत्रों को लिखने एवं प्रकाशित करने के लिए छात्रों को आवश्यक सुझाव दिए। इस कार्यशाला में डॉ. विस्मिता पालीवाल, डॉ. गिरिजेश यादव, डॉ. राम कीर्ति सिंह, डॉ. रश्मि रानी एवं डॉ. प्रियंका गौतम एवं सभी छात्र उपस्थित रहे।