PM मोदी को 6 GI टैग हैंडीक्राफ्ट का उपहार; नया संसद भवन मॉडल बना आकर्षण

वाराणसी: PM नरेंद्र मोदी वाराणसी के नारी वंदन सम्मेलन में पहुंचे थे. इस दौरान मंच पर देश और प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं के साथ ही महिला पार्षद, ग्राम प्रधान और प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित रहीं. मंच से ‘नारी शक्ति’ के सामर्थ्य से साक्षात्कार होने के साथ ही काशी की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा का उत्सव देखने को मिला.

यह उत्सव ही था कि पहली बार काशी में प्रधानमंत्री को मंच से एक साथ 06 GI पंजीकृत उत्पादों का उपहार भेंट किया गया. यह क्षण अपने आप में अभूतपूर्व था. उत्तर प्रदेश में 79 GI पंजीकृत हस्तशिल्प उत्पाद हैं, जिनमें काशी का महत्वपूर्ण योगदान है.

काशी की कारीगरी एक समय विलुप्त होने की ओर बढ़ रही थी. कुछ कारीगरों ने हस्तशिल्प की कला से मुंह मोड़ लिया था तो कुछ उसमें जान फूंकने की लगातार कोशिशें कर रहे थे.

इसी बीच साल 2014 में नरेंद्र मोदी काशी से सांसद बने तब से उन्होंने यहां की कला और परंपरा को सहेजने के लिए काम करना शुरू कर दिया. साल 2017 में जब भाजपा की उत्तर प्रदेश में सरकार बनी, तब से काशी के कारीगरों को और बल प्रदान किया गया है. सरकार यहां के उत्पादों का खुद प्रचार-प्रसार करती है. पीएम मोदी मंचों से यहां की कला का गुणगान करते हैं.

पद्मश्री से सम्मानित डॉ. रजनीकांत ने बताया कि पहली बार काष्ठ कला के माध्यम से भारत के नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष का सूक्ष्म मॉडल तैयार किया गया. इसे बनारस के तीसरी पीढ़ी के युवा शिल्पी राजकुमार ने अपने सहयोगियों संजय प्रजापति और सनोज पेंटर के साथ एक सप्ताह की मेहनत से तैयार किया था. 24 इंच आकार की इस कलाकृति को विशेष रूप से प्रधानमंत्री को भेंट किया गया.

इसके अलावा रामनगर के स्टेट अवॉर्डी शिल्पी बच्चा लाल मौर्य द्वारा निर्मित सॉफ्ट स्टोन जाली क्राफ्ट का मोर के भीतर मोर शिल्प भी भेंट किया गया. काष्ठ कला से बनी पंचमुखी गणेश प्रतिमा, बनारसी जरदोजी से तैयार नए संसद भवन की फ्रेमयुक्त कलाकृति, नमो घाट का प्रतीक चिन्ह और पेपर मैशे क्राफ्ट से तैयार मां दुर्गा का भव्य मुखौटा भी भेंट किया गया.

प्रदेश में 79 GI पंजीकृत हस्तशिल्प उत्पाद: एक ही मंच पर एक साथ 06 GI टैग हस्तशिल्प उत्पादों की प्रस्तुति ने नया कीर्तिमान स्थापित किया. इससे न केवल काशी की कला परंपरा को राष्ट्रीय मंच मिला, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों का उत्साह भी बढ़ा. अनिल कसेरा, अरुण कुमार, संतारा पटेल, पूनम देवी, दिनेश कुमार, अवधेश सिंह, शादाब सहित अनेक शिल्पियों और बुनकरों ने इस सम्मान पर खुशी जताई है.

उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक काशी की कला का पहुंचना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है. बता दें कि देशभर में GI टैग उत्पादों के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है. प्रदेश में 79 GI पंजीकृत हस्तशिल्प उत्पाद हैं.