पटना : गुरुवार को बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ. कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली. पटना के गांधी मैदान में इस मंत्रिमंडल विस्तार को ग्रैंड रूप दिया गया. चूंकि बिहार की राजनीति जाति के सहारे ही चलती है, तो इस बार के मंत्रिमंडल में भी इसका खासा ध्यान रखा गया. आइये आपको बताते हैं किस जाति से किसको मंत्री बनाया है.
बीजेपी कोटे से 15 मंत्री में 6 सवर्ण जाति से हैं. इसके अलावा 7 ओबीसी जाति से मंत्री बनाए गए हैं. वहीं 2 दलित समाज से मंत्री बनाए गए हैं.
BJP से बनने वाले मंत्री
1. राम कृपाल यादव – OBC
बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव पहली बार दानापुर विधानसभा सीट से चुनाव में जीते हैं. इससे पहले नीतीश कैबिनेट में कृषि मंत्री का जिम्मा सौंपा गया था. बिहार की राजनीति में रामकृपाल यादव ओबीसी (OBC) चेहरे के रूप में जाने जाते हैं.
2. केदार गुप्ता – कानू/ EBC
बीजेपी विधायक केदार प्रसाद गुप्ता कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं. वे बिहार बीजेपी में वैश्य चेहरों में गिने जा रहे हैं. संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए उन्हें सम्राट कैबिनेट में शामिल किया गया है.
3.नीतीश मिश्रा – ब्राह्मण
नीतीश मिश्रा मधुबनी जिले के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनकर आए हैं. नीतीश मिश्रा ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखते हैं. इससे पहले भी वह नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके हैं. उन्हें फिर से सम्राट चौधरी के कैबिनेट में जगह मिली है.
4. मिथिलेश तिवारी – ब्राह्मण
मिथिलेश तिवारी पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. वह बिहार बीजेपी के कद्दावर नेता माने जाते हैं. बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ब्राह्मण जाति से आते हैं. वह लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे हैं.
5. रमा निषाद – EBC / मल्लाह
रमा निषाद मुजफ्फरपुर के ओरांई विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनी हैं. वार्ष पार्षद से मंत्री तक का सफर उन्होंने तय किया है. रमा निषाद मल्लाह से आती हैं.
6. विजय कुमार सिन्हा – भूमिहार
विजय कुमार सिन्हा बीजेपी के कद्दावर नेता है. विधानसभा अध्यक्ष से लेकर उपमुख्यमंत्री तक रह चुके हैं. वह लखीसराय विधानसभा से प्रतिनिधित्व करते हैं. भूमिहार जाति से आने वाले विजय कुमार सिन्हा मजबूत संगठनकर्ता माने जाते हैं. अपने फैसले पर वह अडिग माने जाते हैं.
7. दिलीप जायसवाल – OBC
दिलीप जायसवाल बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं. अररिया-पूर्णिया-किशनगंज से तीन बार विधान पार्षद निर्वाचित हुए हैं. दिलीप जायसवाल वैश्य जाति से ताल्लुख रखते हैं. प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं. पिछली सरकार में भी वह मंत्री थे.
8. प्रमोद चंद्रवंशी – EBC
प्रमोद सिंह चंद्रवंशी औरंगाबाद के रफीगंज विधानसभा से विधायक हैं. वह कहार समुदाय से आते हैं. पिछली सरकार में भी वह मंत्री रह चुके हैं. पहले जेडीयू में थे, इसके बाद बीजेपी में शामिल हुए.
9. लखेंद्र पासवान – दलित
लखेंद्र पासवान पातेपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह पासवान जाति से आते हैं. पिछली सरकार में भी वह मंत्री थे. वह बिहार के एक प्रमुख दलित भाजपा नेता हैं.
10. संजय टाइगर – राजपूत
संजय टाइगर आरा विधानसभा से बीजेपी के विधायक हैं. राजपूत जाति से आते हैं. संगठन में पिछले कई सालों से कार्य कर रहे हैं. उन्हें पार्टी का सच्चा सिपाही भी कहा जाता है.
11. इंजीनियर कुमार शैलेंद्र – भूमिहार
इंजीनियर कुमार शैलेंद्र भागलपुर के बिहपुर विधानसभा से बीजेपी के विधायक हैं. तीन बार वह विधायक रह चुके हैं. इस बार उन्हें सम्राट मंत्रिमंडल में जगह मिली है. कुमार शैलेंद्र भूमिहार जाति से आते हैं.
12. नंद किशोर राम – दलित
नंद किशोर राम पश्चिमी चंपारण के रामनगर से भाजपा विधायक हैं. उन्हें सम्राट मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया है. नंद किशोर राम दलित समुदाय से आते हैं.
13. रामचंद्र प्रसाद – वैश्य
रामचंद्र प्रसाद उर्फ डॉ. रामचंद्र प्रसाद साह दरभंगा के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक हैं. लगातार दूसरी बार इसी क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं. सम्राट चौधरी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है. रामचंद्र प्रसाद वैश्य समाज से ताल्लुक रखते हैं.
14. अरुण शंकर प्रसाद – सूढ़ी/ EBC
अरुण शंकर प्रसाद मधुबनी के खजौली विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं. लगातार तीसरी बार इस सीट से विजयी हुए हैं. उन्हें भी सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में जगह मिली है.
15. श्रेयसी सिंह – राजपूत
श्रेयसी सिंह जमुई विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक हैं. लगातार दो बार से वह इसी सीट से विधानसभा पहुंच रही है. राजपूत समाज से आने वाली श्रेयसी सिंह महिलाओं की आवाज बुलंदी से उठाती है. उन्हें फिर से सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनाया गया है.
जेडीयू कोटे से 13 मंत्रियों ने शपथ ली है. जिसमें 1 सवर्ण, 1 मुस्लिम समुदाय से मंत्री बने हैं. इसके अलावा तीन दलित और 8 ओबीसी व ईबीसी समुदाय से हैं.
JDU से बनने वाले मंत्री
1. निशांत कुमार- कुर्मी/ OBC
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. वह कुर्मी जाति से ताल्लुक रखते हैं. फिलहाल वह किसी भी सदन (विधानसभा/विधान परिषद) के सदस्य नहीं है.
2. श्रवण कुमार – कुर्मी/ OBC
श्रवण कुमार, नीतीश कुमार के काफी करीबी नेता माने जाते हैं. जेडीयू ने उन्हें विधानसभा में विधायक दल का नेता भी बनाया है. कुर्मी समाज से आने वाले श्रवण कुमार नालंदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह लगातार मंत्री बन रहे हैं. इस बार भी उन्हें सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में स्थान मिला है.
3. अशोक चौधरी – दलित
अशोक चौधरी भी नीतीश कुमार के करीबी नेता में से माने जाते हैं. दलित समुदाय से आने वाले अशोक चौधरी बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं. इस बार भी वह बिहार सरकार में मंत्री बनाए गए हैं.
4. लेसी सिंह- राजपूत
लेसी सिंह पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. लगातार छठी बार वह विधायक चुनकर आयी हैं. नीतीश कुमार को अपना आदर्श मानने वाली लेसी सिंह राजपूत जाति से आती हैं. उन्हें फिर से सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनाया गया है.
5. मदन सहनी- मल्लाह/ EBC
मदन सहनी दरभंगा के बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. मल्लाह जाति से आने वाले मदन सहनी पिछले कई मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं. इस बार भी सम्राट चौधरी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है.
6. सुनील कुमार – दलित
सुनील कुमार गोपालगंज जिले के भोरे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. दलित समुदाय से आने वाले सुनील कुमार जेडीयू में पढ़े-लिखे नेताओं में शुमार हैं. उन्हें एक बार फिर से सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनाया गया है.
7. जमा खान- अल्पसंख्यक
जमा खान कैमूर की चैनपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. 2020 में वह बसपा से जेडीयू में शामिल हुए थे. तब से लगातार वह मंत्री बन रहे हैं. इस बार भी उन्हें मंत्री बनाया गया है. जमा खान अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं.
8. भगवान सिंह कुशवाहा- कोइरी/ OBC
भगवान सिंह कुशवाहा भोजपुर जिले के जगदीशपुर विधानसभा सीट से जेडीयू के विधायक हैं. कोइरी समाज से आने वाले भगवान सिंह कुशवाहा कई पार्टियों से होते हुए जेडीयू में आए हैं. उन्हें भी नीतीश कुमार ने मंत्री बनवाया है.
9. शीला मंडल- धानुक / EBC
शीला मंडल मधुबनी जिले के फुलपरास विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं. धानुक समाज से आने वाली शीला मंडल जेडीयू में काफी कद्दावर महिला नेत्री मानी जाती हैं.
10. दामोदर रावत – धानुक/ EBC
दामोदर रावत बिहार की झाझा विधानसभा सीट से विधायक हैं. धानुक समुदाय से आने वाले दामोदर रावत धानुक समाज से आते हैं. जेडीयू के बड़े नेताओं में वह जाने जाते हैं. नीतीश कुमार ने उन्हें सम्राट मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया है.
11. बुलो मंडल – गंगोता/ EBC
आरजेडी से जेडीयू में शामिल हुए बुलो मंडल को सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में जगह मिली है. बुलो मंडल गंगोता जाति से ताल्लुक रखते हैं. भागलपुर नवगछिया के गोपालपुर विधानसभा से जेडीयू के विधायक हैं.
12. रत्नेश सदा- दलित
रत्नेश सदा जेडीयू के बड़े दलित नेता माने जाते हैं. इससे पहले भी वह मंत्री रह चुके हैं. एक बार फिर से उन्हें नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया है. रत्नेश सदा सहरसा जिला के सोनबरसा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.
13. श्वेता गुप्ता – वैश्य/OBC
श्वेता गुप्ता पहली बार विधायक बनी हैं. जेडीयू ने उन्हें शिवहर से उम्मीदवार बनाया और वह विधानसभा पहुंची. पढ़ी-लिखी श्वेता गुप्ता वैश्य समाज से आती हैं. काफी सरल स्वभाव की मानी जाती हैं.
LJP(R)
संजय पासवान- दलित
संजय कुमार पासवान चिराग पासवान के काफी करीबी माने जाते हैं. एलजेपीआर की टिकट पर उन्होंने बेगूसराय के बखरी विधानसभा में जीत हासिल किए थे. संजय पासवान दलित समुदाय से आते हैं
संजय सिंह – राजपूत
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को महुआ सीट से हराने वाले संजय सिंह राजपूत जाति से आते हैं. चिराग पासवान के करीबी संजय सिंह को सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में स्थान मिला है.
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संतोष मांझी – दलित
संतोष मांझी उर्फ संतोष सुमन केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र हैं. एक बार फिर से उन्हें मंत्रिमडल में शामिल किया गया है. संतोष मांझी दलित समुदाय से आते हैं. बिहार विधाव परिषद के सदस्य हैं.
आरएलएम-
दीपक प्रकाश – कोइरी
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को फिर से मंत्री बनाया गया है. पिछली बार की तरह इस बार भी वह किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. दीपक प्रकाश कोइरी जाति से आते हैं.
यहां यह बताना भी जरूरी है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कोइरी जाति से आते हैं. इसके अलावा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भूमिहार और बिजेन्द्र यादव ओबीसी कोटे से आते हैं. मतलब कुल मिलाकर सभी कास्ट का इस मंत्रिमंडल में ध्यान रखा गया है.