लखनऊ:उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 202 प्रोफेसर, रीडर, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स (आयुष विभाग) तथा 272 अनुदेशक (व्यावसायिक शिक्षा विभाग और 7 नर्स, हॉस्टल वार्डन और कंपाउंडर (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौकरी पाने के लिए अब सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती है। आयुष विभाग में वेरीफिकेशन में थोड़ी देरी जरूर हुई है। आवेदन, परीक्षा से परिणाम तक किसी सिफारिश या अनैतिक दबाव की जरूरत नहीं पड़ी होगी। नीयत साफ, स्पष्ट नीति से परिणाम आने में देर नहीं लगती है। पिछले नौ साल में सरकार ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कोई सोचता भी नहीं था कि यूपी में नियुक्ति निष्पक्ष तरीके से होगी। हमने अलग-अलग आयोग को जवाबदेही के साथ काम दिया। तकनीक का बेहतर प्रयोग। किसी भी युवा के साथ कोई अन्याय न हो जिससे अब निष्पक्ष भर्ती होती है।
इस मौके पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बहुत प्रगति की है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया, जहां पहले दलाली और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 9 लाख से अधिक नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार के दी गई हैं।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि उनके विभाग ने पिछले 9 वर्षों में 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है और 7.5 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्रदान किया है।
उन्होंने स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के प्रयासों का भी उल्लेख किया, जैसे कि डीडीयूजीकेवाई के तहत ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाना और टाटा के माध्यम से आईटीआई में उद्योग की मांग के अनुरूप नए ट्रेड्स (जैसे सोलर, एविएशन, 3डी प्रिंटिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) शुरू करना।
मंत्री अग्रवाल ने आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश और उनके विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने नए नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह कियाऔर मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व की तुलना हनुमान जी से करते हुए उनके योगदान की सराहना की।